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*चितौरा पंचायत में मनरेगा पर गंभीर सवाल, प्रधान के ‘मैनेज’ वाले बयान का वीडियो वायरल* **बीडीओ और सचिव को मैनेज करने का दावा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप*

GRNewsNetwork &YouTyube news chainal*editor in chief Ved prakash Srivastava

गाजीपुर। विकासखंड देवकली की चितौरा ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच प्रधान (प्रशासक) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रधान द्वारा कथित तौर पर बीडीओ और सचिव को मैनेज करने तथा अपना कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाने की बात कही जा रही है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

वायरल वीडियो में प्रधान कथित तौर पर एक पत्रकार से नाराजगी जताते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं कि शिकायतें तो होती रहती हैं। साथ ही वह यह दावा करते नजर आ रहे हैं कि उन्होंने ऊपर से नीचे तक सब मैनेज कर रखा है और सचिव व बीडीओ उनसे खुश हैं। प्रधान के इस कथित बयान के बाद मनरेगा कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय स्तर पर आरोप है कि चितौरा ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों में लगातार अनियमितताएं हो रही हैं। आरोपों में कार्यों की गुणवत्ता, मस्टररोल, मजदूरों की उपस्थिति और भुगतान समेत विभिन्न बिंदुओं की जांच की मांग उठ रही है। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो पूरे मामले की स्थलीय जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

सचिव ने नहीं दिया स्पष्ट जवाब

मामले को लेकर ग्राम पंचायत सचिव विकास सिंह यादव से बातचीत की गई। प्रधान द्वारा बीडीओ और सचिव के खुश होने तथा उन्हें कथित तौर पर मैनेज किए जाने संबंधी बयान पर सचिव कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। उन्होंने केवल इतना कहा कि “मैं प्रधान से बात करता हूं।” सचिव के इस जवाब से शिकायतकर्ताओं को संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला।

बीडीओ का पक्ष नहीं मिल सका

मामले में बीडीओ देवकली जमालुद्दीन का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों पर उनका पक्ष सामने नहीं आ सका है।

जांच के बाद ही साफ होगी आरोपों की सच्चाई

वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। सवाल यह है कि चितौरा पंचायत में मनरेगा कार्यों की स्थलीय जांच, मस्टररोल, मजदूरों की उपस्थिति, भुगतान अभिलेख और कार्य की गुणवत्ता की जांच कब होगी।

यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो इसकी भी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। फिलहाल वायरल वीडियो ने देवकली ब्लॉक में मनरेगा कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

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