
*सुआपुर में मनरेगा कार्यों पर सवाल, जांच कराएगा विभाग* *कागजों में तीन कार्य संचालित, ग्रामीणों ने धरातल पर काम नहीं होने का लगाया आरोप* **बीडीओ अब्बास नकवी बोले- मामला संज्ञान में आया, टीम भेजकर कराऊंगा स्थलीय जांच*

GRNews Network & YouTube news chainal editor in chief Ved prakash Srivastava
गाजीपुर। करंडा विकासखंड की ग्राम पंचायत सुआपुर में मनरेगा कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अभिलेखों में तीन अलग-अलग कार्य संचालित दिखाए जा रहे हैं, जबकि मौके पर उनके अनुरूप काम दिखाई नहीं दे रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग के बाद अब विकास विभाग ने स्थलीय सत्यापन कराने की बात कही है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत में छविनाथ के घर के सामने पोखरी खुदाई, उपेंद्र के खेत से विकास के घर के सामने बंधा निर्माण और छलटू की मशीन से मीरा के खेत तक नाली खुदाई का कार्य मनरेगा के तहत दर्ज है। आरोप है कि कागजों में कार्यों की प्रगति दर्शाई जा रही है, लेकिन मौके पर काम की स्थिति उससे मेल नहीं खाती।
मामले को लेकर ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और सचिव की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मनरेगा में सरकारी धन खर्च होने से पहले और बाद में कार्य की वास्तविक स्थिति का सत्यापन जरूरी है। ग्रामीणों ने मस्टर रोल, श्रमिकों की उपस्थिति, कार्यस्थल की स्थिति और भुगतान से संबंधित अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है।
हालांकि, ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अभिलेखों में दर्ज कार्य और धरातल पर हुए कार्य में कितना अंतर है।
बीडीओ ने लिया संज्ञान
मामले को लेकर करंडा के खंड विकास अधिकारी अब्बास नकवी ने कहा, “आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। मैं टीम भेजकर मौके की जांच कराता हूं।” बीडीओ के इस बयान के बाद अब जांच टीम की रिपोर्ट पर नजर है। स्थलीय सत्यापन के साथ मस्टर रोल और अन्य अभिलेखों की जांच से मनरेगा कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।








