
*गीतों को स्वर, स्वरों को भाव और भावों को जीवन देकर लता जी ने संगीत को बनाया अमर* **लता मंगेशकर की जयंती की पूर्व संध्यापर साहित्य चेतना समाज के तत्वावधान में चेतना प्रवाह कार्यक्रम सम्पन्न

***GRNewsNetwork & YouTube news chainal*editor in chief Ved prakash Srivastava
गाजीपुर : स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर की जयंती की पूर्व संध्या पर साहित्य चेतना समाज की ओर से ‘चेतना-प्रवाह’ कार्यक्रम में उन्हें भावपूर्ण ढंग से याद किया गया। नगर के बड़ा महादेवा स्थित श्री सुदृष्टि बाबा पीजी कॉलेज, रानीगंज, बलिया के प्राचार्य डॉ. संतोष कुमार सिंह के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में साहित्यकारों, शिक्षकों और संगीत प्रेमियों ने लता जी के व्यक्तित्व और संगीत साधना को भारतीय सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पीजी कॉलेज, गाजीपुर के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. समरेन्द्र नारायण मिश्र ने की। संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ ने कहा कि लता मंगेशकर ने गीतों को स्वर, स्वरों को भाव और भावों को जीवन देकर भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया। उनकी गायकी की संवेदना और संगीत की मधुरता आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रहेगी।
डॉ. संतोष कुमार सिंह ने कहा कि लता मंगेशकर केवल सफल गायिका के रूप में ही नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने वाली महान कलाकार के रूप में याद की जाती हैं। उनके स्वर ने प्रेम, विरह, भक्ति, देशप्रेम और करुणा जैसे भावों को असाधारण प्रभाव के साथ अभिव्यक्त किया।
डीएवी इंटर कॉलेज के हिंदी शिक्षक डॉ. संतोष कुमार तिवारी ने कहा कि लता जी की सफलता के पीछे मधुर आवाज के साथ वर्षों की कठोर साधना, अनुशासन और संगीत के प्रति समर्पण था। उनकी जीवन यात्रा यह संदेश देती है कि प्रतिभा को ऊंचाई देने के लिए निरंतर अभ्यास और साधना जरूरी है।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. समरेन्द्र नारायण मिश्र ने कहा कि डिजिटल तकनीक के दौर में लता मंगेशकर की संगीत विरासत का महत्व और बढ़ गया है। नई पीढ़ी को उनके गीतों को केवल सुनना ही नहीं, बल्कि उनकी भावाभिव्यक्ति, उच्चारण, सुर-साधना और अनुशासन से भी सीखना चाहिए। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में सेन्ट जॉन्स स्कूल की संगीत शिक्षिका माया नायर, संजय कुमार पाण्डेय, डॉ. संतोष कुमार सिंह, प्रभाकर त्रिपाठी, डॉ. शशांक शेखर पाण्डेय, डॉ. संतोष कुमार तिवारी और नागेश कुमार मिश्र ने लता मंगेशकर के गाए गीत प्रस्तुत कर माहौल को संगीतमय बना दिया। गीतों की प्रस्तुतियों से श्रोता भावविभोर हो उठे।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष डॉ. रविनन्दन वर्मा, सचिव हीरा राम गुप्ता, संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी, डॉ. जयशंकर सिंह, डॉ. शिवेश राय, संगीता तिवारी, डॉ. अवनीश राय, कुसुम सिंह, रागिनी त्रिपाठी, वन्दना सिंह, आशुतोष श्रीवास्तव, सिद्धार्थ सिंह, अरुण सिंह, प्रांशु उपाध्याय, डॉ. प्रवीण पायलट आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. संतोष कुमार तिवारी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ ने किया।








