
जिले में सर्पदंश से हो रही मौतों को रोकने के लिए वितरित किए गए सर्पगन्धा के 50 पौधे

GRNews Brodcast centre editor in chief ved Parkash Srivastava
Ghazipur: गाजीपुर में सर्पदंश से हो रही मौतों को रोकने के लिए जिला आपदा प्रबन्धन ने संस्था मिशन जामवंत से हुनमान जी के सहयोग से सर्पगन्धा के 50 पौधे वितरित किए। इसके लिए हर घर दौ पौधा पहुंचाने के लिए जनपद में कई वृहद नर्सरियां भी तैयार कराई गयी थीं। संस्था की ओर से अपर जिलाधिकारी वि.रा. को ये पौधे उपलब्ध कराए गए थे। इसके साथ ही इसकी औषधि जानकारी पर भी चर्चा हुई थी।
दरअसल, गाजीपुर सर्पदंश आपदा के प्रति अतिसंवेदनशील जिला की श्रेणी में आता है। बीते सालों में जनपद में पाइलेट प्राजेक्ट के तहत इसके लिए प्रशिक्षण एवं नुक्कड नाटक कराया गया। 20 डॉक्टर, 150 सीएचओ व 150 आशा कार्यकत्री को प्रशिक्षित किया गया। ये सभी अपने क्षेत्रों में लगातार प्रशिक्षण कराते हैं। साथ ही स्वास्थ्य केन्द्रो पर एन्टी स्नैक वेनम भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहता है। जिससे कि तत्काल सर्पदंश के प्रभाव को कम किया जा सके।
प्रत्येक ग्राम पंचायत पर स्नैक बाईट किट भी प्रधान की देखरेख में रखा गया है। विशेषज्ञों के मुताबिकए बाढ आने के बाद सर्प हैबिटेट नुकसान होने पर अपनी सुरक्षा के लिए आबादी की तरफ आ जाते हैं। घास फूस या जंगल झाड में छीपे रहते हैं। इसी दौरान सम्पर्क में आने पर मानव को डंस लेते हैं। आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसारए हर घर के गमलों में दो-दो पौधे लगाने से सर्पदंश से मुक्ति मिलती है। साथ ही पौधे से 200 मीटर के आस.पास सांप प्रवेश नही कर पाता।
हर घर दौ पौधा पहुंचाने के लिए जनपद में कई वृहद नर्सरियां तैयार कराई गयी। जिनमें रंगबहादुर सिंह अमौरा, ज्ञानेन्द राय रेवतीपुर, अरबिन्द सिंह फिरोसपुर, मोतीचन्द्र गुप्ता तराव, बाबूलाल मानव चितावनपटटी, पुजारी अमरनाथ तिवारी कुथा आदि के नाम शामिल हैं।









