ताकतवर सरकारे भी प्रेस के प्रभाव से गलत काम करने से डरती है – प्रमोद वर्मा*

गाजीपुर जखनियां।प्रेस दिवस पर व्यापार प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष प्रमोद वर्मा ने पत्रकारों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रमोद वर्मा ने कहा कि पत्रकारिता है तो लोकतंत्र जिंदा है। वर्मा ने कहा पत्रकारिता के ऊंचे आदर्श स्थापित करने व प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करने के उद्देश्य से 4 जुलाई 1966 को भारतीय प्रेस परिषद की स्थापना की गई थी, लेकिन इस परिषद ने 16 नवम्बर 1966 से विधिवत तरीके से काम करना शुरू किया था। इस कारण हर साल 16 नवम्बर को राष्ट्रीय प्रेस डे मनाया जाता है। वर्मा ने कहा यह दिन पत्रकारों को सशक्त बनाने के लिए खुद को समर्पित करने का अवसर प्रदान करता है। हर देश का मूल्यांकन पाँच प्रासंगिक संकेतकों के उपयोग से किया जाता है, जिसमें राजनीतिक , कानूनी ढँचा, आर्थिक , सामाजिक-सांस्कृतिक और सुरक्षा संदर्भ शामिल रहते है।
प्रेस को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा और माना जाता है। प्रेस की ताकत के कारण बड़ी सी बड़ी सरकार भी गलत काम करने से बचती है, क्योंकी उन्हें पता रहता की अगर वो कोई गलत काम करेंगे तो प्रेस उनके गलत कामों को दुनिया के सामने ला देगी,जिसे उस सरकार की छवी पर असर पडेगा। प्रेस आम आदमी की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखता है। इस मौके पर कमलेश यादव, वेद प्रकाश पांडेय, उपेंद्र कुमार, रमेश सोनी, सुरेश पांडेय सहित प्रमुख पत्रकार व उमाशंकर यादव, इंद्रदेव कुशवाहा, धर्मवीर राजभर, अजय विक्रम, राजेश जायसवाल सहित प्रमुख लोग उपस्थित रहे।








