
*भवानीपुर में मनरेगा कार्यों को लेकर उठे सवाल, धरातल और अभिलेखों में अंतर का आरोप*

*GRNews Network &YouTube news chainal editor in chief Ved prakash Srivastava
गाजीपुर। देवकली विकासखंड की ग्राम पंचायत भवानीपुर में मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा के कई कार्य सरकारी अभिलेखों में संचालित अथवा पूर्ण दिखाए जा रहे हैं, जबकि मौके पर उनकी स्थिति अलग नजर आ रही है। इससे योजना की पारदर्शिता और कार्यों की वास्तविकता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार सूर्यनाथ के खेत से जग्गू राम के खेत तक चकबंद कार्य के नाम पर भी अभिलेखों में कार्य दर्शाया गया है, लेकिन मौके पर ऐसा कोई कार्य दिखाई नहीं देता। ग्राम पंचायत से जुड़े एक व्यक्ति ने भी कथित तौर पर बताया कि उक्त स्थान पर न तो वर्तमान में कार्य हुआ है और न ही पूर्व में कार्य किए जाने की जानकारी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और सचिव की मिलीभगत से मनरेगा के कार्यों को कागजों पर तेजी से संचालित दिखाया जा रहा है, जबकि धरातल पर स्थिति इसके विपरीत है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक कार्य का स्थलीय निरीक्षण, मस्टर रोल, भुगतान और कार्यस्थल की भौतिक स्थिति का मिलान कर जांच कराने की मांग की है।
अधिकारियों के निरीक्षण पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यदि मनरेगा कार्यों का नियमित स्थलीय निरीक्षण किया जाता है तो कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। वहीं कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारी मौके पर आते तो हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थिति में बदलाव नहीं दिख रहा है। इन आरोपों की भी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि देवकली विकासखंड में मनरेगा कार्यों की निगरानी और स्थलीय सत्यापन की व्यवस्था कितनी प्रभावी है? क्या संबंधित अधिकारी भवानीपुर में कराए गए मनरेगा कार्यों की मौके पर जांच कर अभिलेखों से उसका मिलान कराएंगे?
बीडीओ का पक्ष नहीं मिल सका
मामले में पक्ष जानने के लिए बीडीओ देवकली से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। अधिकारी का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।








