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नई सुबह मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार विज्ञान संस्थान खनाव के प्रांगण में तीसरे दीक्षांत समारोह का किया गया आयोजन* ||

 

*GR news network* editor in chief ved Prakash shrivtastav

वाराणसी :- नई सुबह मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यवहार विज्ञान संस्थान खनाव के प्रांगण में गुरुवार को तीसरे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया | दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि प्रोफेसर बिहारी लाल शर्मा, कुलपति,डॉक्टर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी, अति विशिष्ट अतिथि 95 बटालियन सीआरपीएफ के सेनानायक राजेश्वर बेलापुरकर तथा विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर ज.एस त्रिपाठी,चिकित्सा विभाग,काशी हिंदू विश्वविद्यालय रहे |

नई सुबह विगत वर्ष 2016 से भारतीय पुनर्वास परिषद, नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त कर डॉक्टर शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय,लखनऊ से संबद्ध होकर पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन रिहैबिलिटेशन साइकोलॉजी एवं एमफिल इन क्लिनिकल साइकोलॉजी का संचालन कर रही है इसी क्रम में आज पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा के विद्यार्थियों को उनकी उपाधि प्रदान की गई | उक्त कार्यक्रम में माननीय कुलपति महोदय ने मानसिक स्वास्थ्य को धर्म के आधार पर जोड़ा तथा आयुर्वेद एवं मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों पर गहराई से विचार प्रस्तुत किए जिससे विद्यार्थियों में उत्साह का वातावरण बना |

मुख्य अतिथि महोदय ने अपने सहयोगी अतिथियों के साथ मिलकर विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की और उन्हें शपथ ग्रहण कराई | 95 बटालियन सीआरपीएफ की कमांडेंट महोदय ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए समाज में सक्रिय रहकर कार्य करने की प्रेरणा दी उन्होंने कहा कि जैसे सैनिक और पुलिस के लोग समाज के लिए तत्परता से कार्य करते हैं वैसे ही मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों को भी समाज की मानसिक स्वास्थ्य रक्षा में योगदान देना चाहिए | सेनानायक महोदय ने यह भी कहा कि शारीरिक बीमारियों का इलाज तो आसानी से हो सकता है परंतु मन के विकारों का उपचार करना कठिन कार्य है |

अति विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर ज.एस त्रिपाठी ने छात्र-छात्राओं को बधाई दी और संस्थान के साथ निरंतर जुड़े रहने का आश्वासन दिया उन्होंने कहा कि यदि कभी संस्थान को उनकी आवश्यकता होती है, तो वे तत्पर रहेंगे | कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्थान के संस्थापक डॉ.अजय तिवारी ने अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया उन्होंने कहा कि महाभारत के काल में भगवान श्री कृष्ण और रामायण में जामवंत जैसे मनोवैज्ञानिकों ने अर्जुन और हनुमान जी को प्रेरित कर उनके मानसिक दबाव को खत्म किया |

डॉ.तिवारी ने बताया कि नई सुबह संस्थान वर्ष 2003 से निरंतर दिव्यांग मानसिक स्वास्थ्य और प्रशिक्षण का कार्य कर रहा है विगत वर्ष,उत्तर प्रदेश सरकार ने 3 दिसंबर 2023 को उत्कृष्ट कार्यों का मूल्यांकन करते हुए सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति पुरस्कार से संस्थान को सम्मानित किया था | इस कार्यक्रम में छात्र- छात्राओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए और संस्थान की सेवाओं को लाभकारी बताया | कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर अमरेश कुमार यादव ने किया और उन्होंने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया |

कार्यक्रम में मनोज जागृति विद्यालय की प्रिंसिपल सुनीता तिवारी,संस्थान के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर आदित्य तिवारी,उपनिदेशक राजीव कुमार सिंह,प्रशासनिक अधिकारी एवं मनोवैज्ञानिक अर्पित मिश्रा, असिस्टेंट प्रोफेसर प्रज्ञा तथा अन्य लोगों ने सहयोग प्रदान किया ||

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