
सूर्य व चन्द्र प्रकृति आधारित है हिन्दू पंचाग-,,संघ शताब्दी वर्ष पर बोले पूर्वी क्षेत्र संपर्क प्रमुख मनोज जी*

GRNews Network Brodcast center editor in chief Ved prakash Srivastava
गाजीपुर। शक्ति उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रि के साथ नववर्ष विक्रमी संवत 2083 के HB शुभागमन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वर्ष प्रतिपदा का पर्व धूमधाम से पूरे देश में मनाया जा रहा है। इसे लेकर वर्ष प्रतिपदा के पूर्व संध्या पर संघ विशाल पथ संचलन का आयोजन 18 मार्च बुधवार को श्रीरामलीला लंका मैदान में किया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम सभी स्वयंसेवक ने संघ के संस्थापक डा.केशव बलिराम हेडगेवार को आद्य सर संघचालक प्रणाम करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश पूर्वी क्षेत्र संम्पर्क प्रमुख मनोज ने अपने उदबोधन बताया कि नववर्ष की परम्परा आदि अनन्त काल से चली आ रही है। प्रकृति पर आधारित सूर्य व चन्द्र के गणना पर आधारित हिन्दू पंचाग है जो पूरे विश्व मे सास्वत है। इसकी गणना कभी गलत व भ्रामक नही होती है। जो युगाब्ध, विक्रमी सम्वत पर आधारित है। इसी गणना के आधार पर वर्ष प्रतिपदा प्रत्येक वर्ष चैत्र माह के प्रथम दिन मनाया जाता है और सम्पूर्ण भारत मे एक साथ मनाय जाता है। हमारी भारतीय संस्कृति को लार्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति ने भारी नुकशान पहुचाया और भारत में अग्रेजी पद्धति के कानवेन्ट स्कूल के माध्यम से भारतीय संस्कृति व परम्परा को धवस्त करने का काम किया। कार्यक्रम मे जिला धर्म जागरण प्रमुख प्रेमशंकर ओझा के निधन पर दो मिनट का मौन रख श्रद्धाजलि अर्पित किया गया।
विशाल पथ संचलन कार्यक्रम श्रीरामलीला लंका मैदान से प्रारम्भ होकर लंका चुंगी होते हुए सिंचाई विभाग चौराहा होते हुए सरयू पाण्डेय पार्क कचहरी होते हुए अफीम फैक्ट्री, महुआबाग, दुर्गाचौक सकलेनाबाद, जेलगेट होते हुए श्रीराम लीला लंका मैदान में समापन हुआ। कार्यक्रम के अन्त में संघ प्रार्थना व ध्वज प्रणाम किया गया। कार्यक्रम में विभाग संघचालक सचिदानन्द, जिला संघचालक जयप्रकाश, सह विभाग प्रचारक प्रेमप्रकाश, जिला प्रचारक प्रभात, नगर प्रचारक विक्रम आदि उपस्थित रहे।





