काव्य महारथी, हास्य कवि डा.अजीत श्रीवास्तव ‘चपाचप बनारसी’ को दी गई सर्वदलीय शोक श्रद्धांजलि।*

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वाराणसी आजाद पार्क,लहुरावीर,वाराणसी में एक सर्वदलीय शोक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें काव्य महारथी, हास्य कवि डा.अजीत श्रीवास्तव ‘चपाचप बनारसी’ को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। उक्त अवसर पर उपस्थित विशिष्ट वक्ताओं ने कहा कि चकाचक बनारसी के बाद चपाचप बनारसी अपनी बेबाक हास्य-व्यंग्य रचनाओं के माध्यम से समसामयिक आवाज बुलंद करते रहे। उनके असामयिक निधन से हम सभी हतप्रभ हैं। ईश्वर उन्हें शान्ति प्रदान करें और शोकग्रस्त परिवार को इस दुख को वहन करने की शक्ति प्रदान करें।
प्रमुख संयोजक कवि इन्द्रजीत तिवारीजी ने कहा कि चपाचपजी की रचना “एक राजनीतिक पार्टी बने जिसका चुनाव चिन्ह हो जूता, अब बात नहीं बनेगी बतियाने से, बन सकती है तो सिर्फ जुतियाने से।” मानव समाज के भ्रष्टाचारियों के ऊपर करारा तमाचा है।
आयोजन अध्यक्ष लमही महोत्सव के संस्थापक एवं मुंशी प्रेमचंद के वंशज डा. दुर्गा प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि चपाचप बनारसीजी के निधन से अक्खड़ बनारसी (काशिका बोली) के श्रेष्ठ रचनाकार को हम सबने खो दिया है।
प्रमुख संरक्षक पूर्व जिला जज डॉ. चंद्रभाल ‘सुकुमार’ ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रशासन से मांग किया कि इस पार्क में चपाचप बनारसीजी के स्मृति में उनकी एक प्रतिमा लगाई जाए जिससे वह हमेशा साहित्यकारों के लिए प्रेरणा के स्रोत बने रहें।
इस सर्वदलीय शोक श्रद्धांजलि सभा में उक्त साहित्यकारों के अतिरिक्त डॉ.रामावतार पांडेय एडवोकेट,पंडित गंगा सहाय पांडेय,श्री प्रकाश कुमार श्रीवास्तव ‘गणेश’, डॉक्टर चकाचौंध ‘ज्ञानपुरी’, श्री सुख मंगल सिंह ‘मंगल’, डॉ सुभाष चंद्र, डॉ. जयशंकर ‘जय’, श्री रघुवीर सिंह, श्री भगवती प्रसाद गौड़, श्रीमती पूनम श्रीवास्तव, डॉ. पुष्पेंद्र अस्थाना ‘पुष्प’, श्री अनुज दुबे ‘अडिग’, श्री काली शंकर उपाध्याय, श्री विजय गुप्ता, श्री शशांक शेखर त्रिपाठी एडवोकेट, श्री बुद्धदेव तिवारी श्री राकेश पाठक, श्री चिंतित बनारसी, प्रोफेसर विजय प्रताप, श्री चंद्रभूषण सिंह, श्री संदीप मौर्य, श्री मकबूल आलम एवं डॉ लियाकत अली ‘जलज’ आदि नगर एवं राज्य के सुविख्यात कवि साहित्यकार उपस्थित थे और उन्होंने अश्रुपूरित नेत्रों से चपाचप बनारसीजी को पुष्पांजलि एवं श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा की अध्यक्षता डॉ रामावतार पांडेय एडवोकेट ने किया।








