
*चितौरा ग्राम पंचायत में शिकायत के बीच पुराने रास्ते की जुताई, जांच पर उठे सवाल* **शिकायतकर्ता ने फोटो-वीडियो साक्ष्य होने का किया दावा, बीडीओ ने मौके पर जाकर जांच करने की कही बात*

*GRNews Network & youtube News Chainal*editor in chief Ved prakash Srivastava
देवकली, गाजीपुर। विकास खंड देवकली की चितौरा ग्राम पंचायत एक बार फिर विवादों को लेकर चर्चा में है। ग्राम पंचायत में पुराने रास्ते को लेकर दर्ज शिकायत की जांच के बीच 16 अक्टूबर को कथित तौर पर ट्रैक्टर से रोटावेटर चलाकर रास्ते की जुताई और समतलीकरण किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता कमलेश कुमार ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए फोटो और वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने का दावा किया है। उनका आरोप है कि जब रास्ते को लेकर जांच चल रही थी, तो जांच पूरी होने से पहले उसे जोतने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता कमलेश कुमार ने आरजीआरएस पोर्टल के माध्यम से चितौरा ग्राम पंचायत से संबंधित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पहली जांच के दौरान एडीओ कोऑपरेटिव ने कथित तौर पर कहा था कि वे अपने वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ नहीं जा सकते। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस बातचीत का साक्ष्य उनके पास मौजूद है। हालांकि, इस कथन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पहली जांच से असंतुष्ट होने के बाद शिकायतकर्ता ने दोबारा उच्चाधिकारियों से जांच कराने की मांग की। इसके बाद 15 अक्टूबर 2026 को एडीओ एसपी अशोक कुमार यादव ने शिकायतकर्ता से फोन पर बातचीत की। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने कहा था कि वह उसी दिन मामले की जांच करेंगे।
लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि अगले दिन, 16 अक्टूबर को जांच की कार्रवाई स्पष्ट होने से पहले ही संबंधित पुराने रास्ते पर ट्रैक्टर से रोटावेटर चलाकर जुताई और समतलीकरण कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने इस मामले में ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की मिलीभगत का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
*शिकायतकर्ता ने उठाए सवाल*
कमलेश कुमार का सवाल है कि यदि उनकी शिकायत गलत है, तो पुराने रास्ते पर जुताई और समतलीकरण क्यों कराया गया? वहीं, यदि शिकायत में तथ्य हैं, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उनका कहना है कि रास्ते की मौजूदा स्थिति और जुताई से संबंधित फोटो-वीडियो साक्ष्य उनके पास उपलब्ध हैं, जिनके आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने ग्राम सचिव विकास सिंह यादव से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन नहीं उठा। उन्होंने नवागत एपीओ श्वेता चतुर्वेदी से भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे भी बात नहीं हो सकी। इन अधिकारियों का पक्ष खबर लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका।
*बीडीओ ने टीम गठित होने की दी जानकारी*
इसके बाद शिकायतकर्ता ने खंड विकास अधिकारी देवकली जमालुद्दीन को फोन कर पूरे मामले से अवगत कराया। शिकायतकर्ता के अनुसार, बीडीओ ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है और जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रैक्टर से रास्ते की जुताई और समतलीकरण किए जाने की जानकारी उन्हें शिकायतकर्ता से मिली है तथा वह स्वयं मौके पर जाकर स्थिति की जांच करेंगे।
*अब जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें*
चितौरा ग्राम पंचायत के इस मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कब तक पूरी होगी और पुराने रास्ते की वास्तविक स्थिति क्या है? यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी या नहीं, इस पर भी लोगों की निगाहें टिकी हैं।
फिलहाल, शिकायतकर्ता के आरोपों और प्रशासन की ओर से बताई गई जांच के बीच मामले की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।







