
जमीन विवाद में दलित किसान ने लगाई सुरक्षा की गुहार, दबंगों पर कब्जे और जान से मारने की धमकी का आरोप*

GRNews Network Brodcast center*Report Abhishek Madhukar*
जमानिया (गाजीपुर)।
जमानिया तहसील क्षेत्र के एक दलित किसान ने अपनी खरीदी गई कृषि भूमि पर दबंगों द्वारा कब्जे के प्रयास, धमकी और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से सुरक्षा एवं कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित के अनुसार उसने वर्ष 2019 में मौजा सुनहरिया स्थित आराजी संख्या-195 में से डेढ़ बीघा कृषि भूमि मूल काश्तकार से विधिवत बैनामा कर खरीदी थी। बैनामे के बाद उसका नाम खतौनी में भी दर्ज हो गया और वह लगातार भूमि पर खेती करता रहा। आरोप है कि सहखातेदारों ने नामांतरण और बैनामे को निरस्त कराने के लिए विभिन्न न्यायालयों में वाद दायर किए, लेकिन सक्षम न्यायालय से उन्हें राहत नहीं मिली। भूमि का सीमांकन कर पत्थर भी लगवा दिए गए थे।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि विपक्षियों ने सीमांकन के पत्थर उखाड़ दिए तथा पूर्व में बोई गई गेहूं की फसल पर रासायनिक पदार्थ डालकर उसे नष्ट कर दिया। अब भी दबंग खेती करने से रोक रहे हैं और जान से मारने तथा फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि हाल ही में कई लोग लाठी-डंडों और ट्रैक्टर के साथ उसकी भूमि पर पहुंच गए। सूचना पर तहसीलदार मौके पर पहुंचे और समझौते का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बन सकी। पीड़ित का कहना है कि वह अनुसूचित जाति का गरीब व्यक्ति है और विपक्षियों के भय से खुद तथा अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
पीड़ित ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने, भूमि पर कब्जा दिलाने तथा आरोपितों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई कराने की मांग की है।







