
गाजीपुर में जापान के सहयोग से 15 करोड़ रुपये का गुड़ आधारित फूड प्लांट शुरू**

रिपोर्टअभिषेक मधुकर GRNews network
गाजीपुर जिले के करंडा ब्लॉक के गोसंदेपुर गांव में पावर क्रॉप्स फूड एंड एग्री प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित अत्याधुनिक गुड़ आधारित खाद्य उत्पाद निर्माण प्लांट व्यावसायिक रूप से शुरू हो गया है। यह परियोजना ‘इन्वेस्ट यूपी’; के तहत जीबीसी-4 पहल के अंतर्गत स्थापित की गई है। 15 करोड़ रुपये के निवेश से बने इस प्लांट को जापान की निप्पॉन फार्मास्युटिकल कंपनी लिमिटेड का तकनीकी सहयोग और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है। यह भारत-जापान औद्योगिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर उभरा है।
अधिकारियों के अनुसार, योगी सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों, बेहतर कानून व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन के कारण उत्तर प्रदेश में घरेलू और विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। कंपनी के चेयरमैन श्याम लाल सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की पारदर्शी प्रक्रियाओं और प्रशासनिक सहयोग से परियोजना को तेजी से पूरा करने में मदद मिली।जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने ‘टीओआई’ को बताया कि पूर्वांचल में बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत औद्योगिक ढांचा और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति के कारण औद्योगिक विकास को गति मिली है। उन्होंने कहा कि प्लांट को जल्द ही 33 केवीए फीडर से औद्योगिक बिजली कनेक्शन मिलेगा और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 33/11 केवी सबस्टेशन स्थापित करने की भी योजना है।गाजीपुर में जापान के सहयोग से 15 करोड़ रुपये का गुड़ आधारित फूड प्लांट शुरू,अभिषेक मधुकर
गाजीपुर जिले के करंडा ब्लॉक के गोसंदेपुर गांव में पावर क्रॉप्स फूड एंड एग्री प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित अत्याधुनिक गुड़ आधारित खाद्य उत्पाद निर्माण प्लांट व्यावसायिक रूप से शुरू हो गया है। यह परियोजना ‘इन्वेस्ट यूपी’; के तहत जीबीसी-4 पहल के अंतर्गत स्थापित की गई है। 15 करोड़ रुपये के निवेश से बने इस प्लांट को जापान की निप्पॉन फार्मास्युटिकल कंपनी लिमिटेड का तकनीकी सहयोग और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्राप्त हुआ है। यह भारत-जापान औद्योगिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर उभरा है।
अधिकारियों के अनुसार, योगी सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों, बेहतर कानून व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन के कारण उत्तर प्रदेश में घरेलू और विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। कंपनी के चेयरमैन श्याम लाल सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की पारदर्शी प्रक्रियाओं और प्रशासनिक सहयोग से परियोजना को तेजी से पूरा करने में मदद मिली।जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने ‘टीओआई’ को बताया कि पूर्वांचल में बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत औद्योगिक ढांचा और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति के कारण औद्योगिक विकास को गति मिली है। उन्होंने कहा कि प्लांट को जल्द ही 33 केवीए फीडर से औद्योगिक बिजली कनेक्शन मिलेगा और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 33/11 केवी सबस्टेशन स्थापित करने की भी योजना है।








