
*संसद में डॉ. संगीता बलवंत ने ईरान–इजराइल संघर्ष के बीच राष्ट्रीय एकता और भारत की संतुलित कूटनीति का मुद्दा संसद में उठाया*।

GRNews Network & Brodcast center editor in chief Ved prakash Srivastava
नई दिल्ली। संसद में अंतरराष्ट्रीय हालात पर चर्चा के दौरान सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने ईरान–इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और उसके वैश्विक प्रभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया इस संघर्ष को लेकर चिंतित है और ऐसे संवेदनशील हालात में सभी देशों को बहुत ही सोच-समझकर कदम उठाने की आवश्यकता होती है।
डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि भारत इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से नजर रखे हुए है और संतुलित तथा जिम्मेदार विदेश नीति के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे गंभीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर देश के भीतर अनावश्यक राजनीति या भ्रामक प्रोपोगंडा करना उचित नहीं है। विदेश नीति टीवी बहस या सोशल मीडिया की चर्चाओं से नहीं, बल्कि गहरी रणनीति, संतुलन और दूरदर्शिता के आधार पर संचालित होती है।
डॉक्टर संगीता बलवंत जी के स्वरचित पंक्तियों के साथ संबोधन पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार समर्थन करते हुए विपक्ष की भर्त्सना करते हुए खूब “सेम सेम” भी कहा।
उन्होंने कहा कि भारत आज उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिनके इजराइल के साथ भी मजबूत संबंध हैं और ईरान के साथ भी ऐतिहासिक मित्रता है। ऐसे में भारत की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। भारत की नीति हमेशा से शांति, संवाद और संतुलन को बढ़ावा देने की रही है।
डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार, प्रभावशाली और सशक्त राष्ट्र के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और मजबूत कूटनीतिक दृष्टिकोण यह दर्शाता है कि हमारा देश विश्व में शांति, स्थिरता और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत की संतुलित और जिम्मेदार कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

















