
*गाजीपुर: शेरपुर में गंगा कटान का तांडव जारी, किसान बदहाल, बाढ़ से सैकड़ो बीघा फसल जलमग्न, प्रशासन अलर्ट*

GRNews Network Brodcost center editor in chief ved Parkash Srivastava
गाजीपुर। भाँवरकोल ब्लॉक अंतर्गत शेरपुर ग्राम पंचायत में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण मुबारकपुर बस्ती से पूरब तथा गहमर सिवान के बीच कटान का सिलसिला फिर से शुरू हो गया है। बीते शाम से अब तक लगभग पांच मंडा खेती योग्य भूमि कटान से नदी में समा गई है। और निरंतर कटान भी जारी है। स्थानीय निवासी रबीन्द्र चौधरी, राकेश, मदन राय, अखिलानन्द राय, बाला जी राय, बुच्चू बाबा साहित सैकड़ों लोगों का कहना है कि पछुआ हवा के चलते कटान शुरू हुआ है और यह गहमर सिवान तक लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर की लंबाई में जारी है।
*कटान के प्रभाव*:
– खेती योग्य भूमि का नुकसान: कटान से शेरपुर में पांच मंडा खेती योग्य भूमि नदी में समा गई है, और कटान अभी भी निरंतर जारी है। जिससे क्षेत्र के किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
– *जिले में बाढ़ से 235 बीघा फसल जलमग्न हो चुकी है,* जिसमें सब्जी, चरी, बाजरा और केला शामिल हैं।
– मुबारकपुर बस्ती का खतरा: ग्रामीणों का कहना है कि अगर अगले सत्र में कटान रोधी कार्य नहीं कराए गए, तो मुबारकपुर बस्ती सहित सैकड़ों बीघा खेती योग्य भूमि नदी में समाहित हो जाएगी।
– *रेवतीपुर क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क टूट गया है, जिससे आवागमन ठप हो गया है।*
– *किसानों की चिंता:* गंगा के बढ़ते जलस्तर से क्षेत्र के किसानों में डर का माहौल है, क्योंकि उनकी फसलें खतरे में हैं। व्यवसायिक स्तर पर सब्जी की खेती करने वाले किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
*प्रशासन की कार्रवाई*:
– बाढ़ चौकियों की स्थापना: प्रशासन ने जिले की पांच बाढ़ प्रभावित तहसीलों में 44 बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं और राहत केंद्रों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं की हैं।
– *निगरानी और राहत कार्य:* मेडिकल, आंगनवाड़ी, पशु चिकित्सा और पंचायत टीमें 24 घंटे निगरानी कर रही हैं और आपदा से निपटने के लिए कंट्रोल रूम भी सक्रिय है। उप जिलाधिकारी ने हसनपुरा, बिरऊपुर, नकदिलपुर, अटहठा, साधोपुर, रामपुर, नारायणपुर और गोविंदपुर गांवों का नाव से निरीक्षण किया और ग्रामीणों और पशुओं की सुरक्षा, चारा, पानी और दवाइयों की व्यवस्था का जायजा लिया।








