*मानवता हुई शर्मसार, 14 दिनो मे जज ने दिया आजीवन कारावास**

GRNews Brodcast center,*NewsEditor Chandra Kumar Tiwari
गाजीपुर। जिला एवं सत्र न्यायालय विशेष न्यायाधीश पाक्सो रामअवतार प्रसाद ने 14 दिवस के अन्दर लगातार सुनवाई करके 26 सितम्बर को एक अभियुक्त को आजीवन कारावास व एक लाख रूपये के अर्थ दण्ड की सजा सुनायी। इसकी जानकारी देते हुए विशेष लोक अभियोजक पाक्सों प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि शादियाबाद थाना पर पीड़िता के मां की तहरीर पर 20 सितम्बर को एक वर्ष की बच्ची के साथ सौतेले पिता ने जघन्य अपराध कारित करने की घटना का एफआईआर दर्ज किया। जिसपर विवेचक ने जघन्य अपराध को देखते हुए मात्र 12 दिनो में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की गम्भीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने रामअवतार ने 12 सितम्बर को ही संज्ञान ले लिया और 11 तारीख में कुल पांच गवाह को परीक्षित कराया गया और मेडिकल रिपोर्ट में जघन्य बलात्कार का मामला उजागर होने पर अभियुक्त को आजीवन कारावास व एक लाख रूपये की अर्थ दण्ड का जुर्माना लगाया है। सम्पूर्ण अर्थदण्ड की राशि पीड़िता को दिने जाने का आदेश पारित किया गया। घटना के समय से पीड़िता अपने एक वर्षिय बच्ची को घर मे सौतेले पिता के साथ छोड़कर धान की खेत में मजदूरी करने चली गयी जिसपर बच्ची के सौतेले पिता ने 18 जुलाई को घटना कारित किया ओैर बच्ची की मां पर मुकदमा न दर्ज करने क दबाव बनाया जाता रहा। बच्ची की हालत गम्भीर होने पर उसे बीएचयू वाराणसी में भर्ती कराया गया और उसकी अभी भी हालत गम्भीर बनी हुई है। जिसका इलाज चल रहा है। अभियुक्त मानसिक विकृति का शिकार है इससे पहले भी इस तरह की घटना दूसरे के साथ कारित किया था जिसका एफआईआर दर्ज नही हो पाया था। पीड़िता के मां की अभियुक्त के साथ ये मीसरी शादी थी, पहले पति से एक लड़का व दूसरी पति से पीडित बच्ची है। अभियुक्त मानसिक विकृति का शिकार रहा है जो मजदूरी करता था। विशेष न्यायाधीश पाक्सों का ये फैसला मात्र 14 दिन में सबसे कम समय के अन्दर आया है जो अपने आप मे एक रिकार्ड है।






