गहमर कोतवाली क्षेत्र शराब तस्करी को लेकर पुलिस पर उठे सवाल लग्जरी वाहनों से विहार भेज रहे माफिया , प्रशासन की करवाई का कोई असर नहीं* । **

*GR news network **editor in chief ved Prakash shrivtastav
गहमर ।कोतवाली क्षेत्र के कर्मनाशा नदी के तटवर्ती इलाकों में शराब की तस्करी में तेजी आई है। शराब माफिया रेल, सड़क, जल और अन्य माध्यमों से बड़े पैमानों पर शराब की तस्करी कर रहे हैं। इसके साथ ही तस्करी में स्थानीय पुलिस की मिलीभगत और उनके कार्य प्रणाली पर भी संदेह जताया जा रहा है। हाल ही में गहमर कोतवाली क्षेत्र के भदौरा बाजार में एक लग्जरी कार को पुलिस ने पकड़ा, जिसमें करीब 25 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की गई। इस शराब का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 1.5 लाख रूपये था। तस्करों द्वारा शराब को खेतों के रास्ते ले जाया जा रहा था , जब पुलिस ने यह करवाई की। स्थानीय लोगों का यह मानना है कि पुलिस और शराब माफियाओं के बीच मिलीभगत हो सकती है। लोगों ने यह भी बताया कि इस तस्करी में बिहार में शराब की अधिक मांग और मुनाफा के कारण तस्करों की सक्रियता बढ़ी है। शराब तस्करी में सिर्फ पुरुष तस्कर ही शामिल नहीं है, महिला तस्करों का भी इस अवैध कारोबार में अहम योगदान है। महिलाएं विभिन्न तरीकों से शराब की तस्करी करती है और बिहार में शराब की खेप पहुंचती है। इस अवैध व्यापार में मुनाफे का लालच और पैसे की ताकत ने काफी लोगों को इसमें शामिल किया है। शराब तस्करी के कारण गहमर कोतवाली क्षेत्र के भतौरा गांव में 2023 में एक घातक घटना भी घटित हुई। अक्टूबर में, नकाबपोश बदमाशो ने एक देशी शराब के सेल्समेन को गोली मार दी और उसका गल्ला लूट लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि शराब तस्करों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई की कमी और तस्करों के सुरक्षित रास्ते के कारण अपराधों के घटनाएं बढ़ रही हैं। इस संबंध में गहमर कोतवाल रामसजन नागर ने बताया कि कर्मनाशा तटवर्ती इलाकों में पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि शराब तस्करों के खिलाफ गिरफ्तारी की जाती है। और यदि किसी को सूचना मिलती है तो उसके आधार पर करवाई की जाती है। हालांकि पुलिस के द्वारा की जा रही करवाई के बावजूद क्षेत्र में पूरी तरह से रोकने में अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है।






