
मनरेगा का नाम बदलने को लेकर भड़के कांग्रेसजनो ने जिलाधिकारी को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा*,

G R News editor in chief ved Parkash Srivastava
गाज़ीपुर ।उत्तर प्रदेश कांग्रेस कें कद्दावर नेता कुन्दन खरवार ने कहा कि
Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (MGNREGA)
को कुछ संशोधनों के साथ इसका नाम
विकसित भारत – Guarantee for रोजगार and आजीविका Mission (ग्रामीण)- VB-G RAM G
Viksit Bharat- Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) Bill, 2025, also referred to as Viksit Bharat- G RAM G Bill, 2025
भाषात्मक त्रुटि: इस बिल का नाम न तो पूरा अंग्रेजी है और न पूरा हिंदी। इसको अक्षरशः पढ़ने से यह समझ में आता है कि भाषा स्क्रिप्ट में जो भारत के शिक्षा का भविष्य दिखाया जा रहा है वह निश्चित ही एक अलौकिक विश्वगुरु बनने का ही लक्षण है।
उपरोक्त भाषा के अक्षर विन्यास से यह समझ में आता है कि MG NREGA को थोड़े से अवांछनीय संशोधन से इस योजना को हिंदू आस्था के प्रतीक राम नाम का राजनीतिकरण कर अनपढ़ जनता के आस्था का राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास शैतान कर रहा है।
देवता या इंसान आस्था के प्रतीकों या नामों का प्रयोग राजनीति की विसात बिछाने के लिए नहीं करता। शैतान स्वयं को ईश्वर से शक्तिशाली और श्रेष्ठ मानता है, और अपने वश में होने की घोषणा करता है। वह ईश्वर की बजाय अपनी स्तुति या पूजा करने के लिए आदेश देता है।
नरेगा की वास्तविक स्थिति क्या है: 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट (NREGA) जो कि ग्रामीण नागरिकों को 100 दिन रोजगार की गारंटी उसी गांव में देता है। 2014 से 2025 तक औसत रोजगार 35 दिन का भी नहीं दिखाई देता। शशिभूषण राय व अजय दूबें राजकपूर रावत ने संयुक्त रूप सें कहा कि आज सरकार अपने बिल में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दे रही है। आखिर क्यों? इसमें केंद्र सरकार द्वारा अपनी जिम्मेदारियों से आर्थिक जिम्मेदारी का बहुत बड़ा भाग राज्य सरकार के आर्थिक रूप से कमजोर कंधे पर डाल दिया है। इसका परिणाम यह भी होगा कि यदि राज्य सरकार के पास पर्याप्त फंड होगा तभी G-RAM-G का किर्यान्वयन होगा अन्यथा इसके अंतर्गत कार्य नहीं होगा। दूसरे शब्दों में कहें तो यह भी कहा जा सकता है कि मनरेगाका बोझ केंद्र सरकार उठाने में सक्षम नहीं है और राज्य के कमजोर कंधे उठा नहीं सकते और इस तरह मनरेगा(2005) G-RAM-G (2025) के साथ दम तोड़ देगी।
राजनीतिक रूप से वर्तमान केन्द्र सरकार का यह बिल उनकी विचारधारा के विलेन को मारकर उनकी विचारधारा के अनुरूप G-RAM-G को जनता के जेहन में भरा जाएगा लेकिन दूर दृष्टि के अंतर्गत ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को समाप्त कर दिया जाएगा। इस तरह से 81 करोड़ जनता की कमर आर्थिक रूप और तोड़ी जाएगी ताकि उनके सद्गुणों का और पतन हो सके और वे गुलामी के दलदल में धंसते चले जाएं, शिक्षा से वंचित और सरकार के वोटर बनें रहे।इस अवसर पर मुख्यरूप सें जफरूल्लाह अंसारी,महबूब निशा, श्यामनरायण सिंह,राघवेन्द्र चतुर्वेदी,सुधांशू तिवारी,देवेन्द्र सिंह,विनोद सिंह, राजीव सिंह, मिथिलेश कुमार सिंह, अरविंद, दिपक सिंह उर्फ दिपू, छोटू सिंह उर्फ मालिक, सुनील राम,संदीप विश्वकर्मा, प्रवीण पाण्डेय,ओमप्रकाश पाण्डेय, दीनानाथ यादव, राजेश उपाध्याय,इरफान, पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दूबे,आदिलोग उपस्थित हुए।








