
*लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, वह कौन लोग हैं जिन्हें शर्म नहीं आती बस्तियां जलाने में”*********लाल प्रकाश राही *

GR news Brodcost- editor in chief ved Prakash shrivtastav
“जौनपुर 6 फरवरी ।भारत रत्न खान अब्दुल गफ्फार सीमांत गांधी के 136 वें जन्मदिवस पर काव्य संध्या का आयोजन आसरा द होप ट्रस्ट ,कबीर पीस सेंटर , डॉ0 ए ,यू ,आज़मी ट्रस्ट पर सम्पन्न हुई
विशिष्ट अतिथि कमाल आज़मी व नगर की सामाजिक संस्थाओं का समर्थन मिला। सभी ने एक सुर में खान साहब को सीमांत गांधी के नाम से जानने और नेक इंसान होने तक की ही जानकारी दी।
खान साहब की बनाई संस्था खुदाई खिदमतगार के बारे में और उनके उच्च विचार को जानने में बहुत उत्सुकता से सभी कवियों व वक्ताओं ने सुना । डॉक्टर अंगद कुमार राही ने गजल के द्वारा नफरतें आंधियां चला रही है। प्यार की बस्तियां जला रही है। पढ़कर लोगों को एक दूसरे से प्यार और मोहब्बत का पैगाम देने वाली गजल सुनाई।
दिशा फाउंडेशन के अध्यक्ष लाल प्रकाश राही ने * “लोग टूट जाते हैं। एक घर बनाने में, वह कौन लोग हैं जिन्हें शर्म नहीं आती बस्तियां जलाने में ” को बड़ी ही तस्दीक़ी के साथ सुनाया।
विवेक शर्मा आजाद शिशु शिक्षा निकेतन आजाद नगर मुरारा मुफ्तीगंज जौनपुर ने अपने विचार रखें। शुभम शर्मा द्वारा कविता “अब तो मजहब कोई ऐसा बनाया जाए इंसान को इंसान बनाया जाए” सुनाकर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
कमाल आज़मी ने सभी मौजूदा संस्था के सदस्यों से सभी महापुरुष की जयंती पर उनके किए गए कार्यों को अपने जीवन में आत्मसात करने की शपथ लेने और उनके विचारों से प्रेरणा लेने पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता निसार अहमद ने किया








