
“विधुत मज़दूर पंचायत ने मुख्य अभियंता को पत्र के माध्यम से अपना विरोध दर्ज किया।*

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एडिटर इनचीफ वेद प्रकाश श्रीवास्तव
वाराणसी। 18 अगस्त, विद्युत मज़दूर पंचायत उ0प्र0 के जिला कमेटी की शनिवार को एक बैठक भिखारीपुर स्थित संगठन कार्यालय पर हुई जिसमें कल भेलूपुर स्थित अधिशासी अभियन्ता, नगरीय विद्युत वितरण खण्ड-प्रथम भेलूपुर वाराणसी ई० आशीष कुमार, से संगठन द्वारा दिये गए मॉग पत्र सं0-259 दिनांक-14.3.24 संगठन के पत्र सं0-400 दिनांक-9.4.24 तथा पत्र सं0-210 दिनांक 14.8.24 पर संगठन से आज तक द्विपक्षीय वार्ता न कर कर्मचारियों को प्रताड़ित करने और जानबूझ कर औधोगिक अशान्ति उत्पन्न करने को लेकर पंचायत का एक प्रतिनिधि मंडल उनसे मिलने गया था किंतु न तो अधिशासी अभियंता दिन भर अपने कार्यालय बल्कि अधीक्षण अभियंता के कहने के वावजूद द्विपक्षीय वार्ता का समय तक नही दिया गया जबकि उ0प्र0 सरकार एवं ऊर्जा प्रबन्धन द्वारा बार-बार आदेश जारी कर संगठन प्रतिनिधियो से हर महीने वार्ता करने को कहा जाता है, अधिशासी अभियंता अपनी गलतियों को छिपाते हुए लाचार, बेशहारा, अल्प वेतनभोगी संविदाकर्मियों को निकालने, उनका शोषण करने, बिना संसाधन कर्मचारियों से अस्सिस्टेंट बिलिंग कराने, बिना सुरक्षा उपकरणों के अनुरक्षण एवं परिचालन का कार्य कराने, मस्टरोल से नियमित हुए 283 कर्मचारियों के ई0पी0एफ0 का पैसा जी0पी0एफ0 में स्थानांतरित न कराने आदि जैसे शोषण का कार्य कर रहे जिससे स्पष्ट है ये कर्मचारियों के समस्याओ को लेकर कितने लापरवाह है। संगठन के बार-बार अनुरोध करने पर दिनांक-10.4.24 को संगठन से कुछ समस्याओं पर वार्ता तो किया परन्तु चार माह बीत जाने के बाद भी वार्ता की कार्यवृत्त जारी नहीं किया और एक भी समस्या का समाधान नहीं किया। उक्त से स्वयं प्रमाणित है इनकी कार्य प्रणाली कर्मचारियों के समस्याओं के समाधान के प्रति कैसी है।”प्रांतीय मंत्री ओ पी सिंह ने बताया कि चार संविदा/निविदा कार्मिकों को असिटेन्ट बिलिंग के खराब परफार्मेन्स का आरोप लगाते हुये कर्मचारियों से बिना स्पष्टीकरण लिये, बिना चेतावनी दिये, रीडिंग लिये जाने हेतु कोई सुविधा प्रदान न किये जाने, बिना ट्रेनिग दिये, साजिश के तहत सेवा से निष्कासित कराये जाने का दूषित कार्य किया गया है। इस मुद्दे पर संगठन ने पत्र सं0-210 दिनांक-14.8.24 द्वारा आपत्रि दर्ज कराते हुये वार्ता द्वारा समस्या के समाधान का अनुरोध किया गया था। संगठन प्रतिनिधि कर्मचारियों के समस्याओं का समाधान कराये जाने हेतु उनसे वार्ता करने हेतु उनके कार्यालय पर पहुंचे तो ये अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं थें। जिस पर संगठन के मण्डल मंत्री ने अधीक्षण अभियन्ता नगरीय विद्युत वितरण मण्डल प्रथम, वाराणसी से दूरभाष पर उन्हें सूचना देते हुये उनसे अनुरोध किया कि अधिशासी अभियन्ता को वार्ता किये जाने हेतु निर्देशित करने का कष्ट करे जिसपर उन्होने संगठन प्रतिनिधि को यह अवगत कराया कि अधिशासी अभियन्ता को वार्ता कर समस्याओं के समाधान हेतु निर्देशित कर रहा हूँ, लेकिन उनके निर्देश के बाद भी अधिशासी अभियन्ता वार्ता हेतु नहीं आये। जब पुनः अधीक्षण अभियन्ता की सूचित किया गया कि आपको निर्देश के बाद भी अधिशासी अभियन्ता वार्ता हेतु नही आये तब उन्होने उक्त खण्ड के एक सहायक को निर्देशित किया था कि अधिशासी अभियन्ता से वार्ता कर वार्ता की कोई तिथि निधारित कर संगठन प्रतिनिधियों को पत्र उपलब्ध करा दे, बावजूद इसके अधिशासी अभियन्ता न तो वार्ता हेतु उपस्थित हुये एवं न ही वार्ता की तिथि निर्धारित करके सूचित कराये। जिससे संगठन प्रतिनिधि निराश होकर वापस चले गए।”








