*बाबा अवधूत सिंह शावक राम जी का 100वा प्राकट्य दिवस मना, शिक्षक सम्मान दिवस के रूप में**अघोर सेवा मंडल का कार्यक्रम, समग्र सनातन का कार्यक्रम है—-प्रोफेसर हरकेश सिंह पूर्व कुलपति*

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दिलदारनगर (गाजीपुर) : अघोर सेवा मंडल गिरनार आश्रम के संस्थापक अवधूत सिंह शावक राम बाबा का 100 वां प्राकट्य दिवस शनिवार को धूमधाम से मनाया गया।सांस्कृतिक कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक नृत्य व गीत प्रस्तुत किया। प्राथमिक विद्यालय परनही के प्रधानाध्यापक दिनेश चौरसिया को संस्था द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए मुख्य अतिथि ने स्मृति चिह्न व अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर ‘वर्तमान शिक्षा की दशा एवं दिशा’ विषयक संगोष्ठी में मुख्य अतिथि मुख्य अतिथि प्रो हरिकेश सिंह पूर्व कुलपति जयप्रकाश विश्विद्यालय छपरा बिहार ने कहा कि यहां का कार्यक्रम समग्र सनातन का कार्यक्रम है।शिक्षा के अधिकार को समझे और उद्देश्य को पूर्ण करे।प्राथमिक शिक्षा में सुधार की जरूरत है। इस अवसर पर जनपद की सर्वश्रेष्ठ शिक्षक परनहीं प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश कुमार चौरसिया को स्मृति चिन्ह एवं शाल एवं अभिनंदन पत्र प्रदान कर मुख्य अतिथि प्रोफेसर हरकेश सिंह जी एवं संस्था के पूर्व सचिव वेद प्रकाश श्रीवास्तव द्वारा सम्मानित किया गया आगे श्री सिंह ने कहा कि
मनुष्य जब सामूहिक रूप से सोचते है तो ईश्वर भी सुनते है।दुनिया में मानव के कल्याण का सबसे बड़ा कार्यक्रम अवधूत भगवान राम ने चलाया।बैगर शिक्षा के विवेक नहीं आता है।निपुण होने के लिए बुनियादी शिक्षा बहुत जरूरी है।संत वह है जो लोक कल्याण की बात करते है।क्योंकि संतो की दूर दृष्टि होती है।बाबा शावक राम भी पीड़ित मानवता की सेवा के लिए अघोर सेवा मंडल की स्थापना की जो शिक्षा,स्वास्थ्य सहित 19 सूत्रीय कार्यक्रम को चलाया।आज भी यह संस्था बाबा के उद्देश्यों को पूर्ण करने में लगी है शिक्षा के बिना समाज का विकास नहीं हो सकता है।जब सभी लोग शिक्षित होंगे तो तभी समाज तेजी से विकास करेगा। मातृभाषा में शिक्षा होनी चाहिए।वही कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हिंदू पीजी कालेज के प्राचार्य प्रो अखिलेश शर्मा शास्त्री ने कहा कि ऐसे महान संत के आश्रम में पहुंचकर हम सभी लोग भाग्यशाली हैं। शिक्षा व स्वास्थ के अलावा अन्य सामाजिक कार्य के क्षेत्र में अघोर सेवा मंडल द्वारा कार्य किया जा रहा है वह सराहनीय है।संत के सानिध्य में रहकर ही कोई बड़ा बन सकता है।प्राथमिक शिक्षा का हाल किसी से छुपा नहीं है।इसका मूल कारण शिक्षक अपने पद का निर्वाहन ईमानदारी पूर्वक नहीं कर रहे है।यह आश्रम सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से आगे बढ़ रहा है।साधु ओम राम जी ने कहा कि अघोर एक मानसिक स्थिति है।बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कारवान बनाना बहुत जरूरी है।जब बच्चा संस्कारवान बनेगा तो अपने कुल,देश का नाम रोशन करेगा।बाबा के उद्देश्यों को पूर्ण करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।मुख्य अतिथि प्रो. हरिकेश सिंह व प्रो अखिलेश शर्मा शास्त्री को आश्रम के उपाध्यक्ष रणजीत सिंह द्वारा स्मृति चिह्न व अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया। एकल कार्यकम में आदर्श सरस्वती विद्या मंदिर प्रथम,आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय द्वितीय व एपीजी अब्दुल कलाम तृतीय स्थान।सामूहिक नृत्य में डॉ एपीजी अब्दुल कलाम प्रथम,द्वितीय आदर्श सरस्वती विद्या मंदिर द्वितीय व तृतीय पुरुस्कार आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को मिला।दूर दराज क्षेत्र से पहुंचे भक्तों ने पूजन अर्चन कर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में रणजीत सिंह,अरविंद सिंह सुरेश सिंह,रामनगीना सिंह,ओमकार सिंह,पारस नाथ सिंह,विभा देवी,रिशु यादव आदि लोग रहे।संचालन आचार्य चंद्रभूषण शुक्ला ने किया।








