
*पत्रकारो को बीमा व मजदूरो के 22 सूत्रीय मांगो का मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन*

GRNews Network & Brodcast center editor in chief ved Parkash Srivastava
गाजीपुर। भारतीय मजदूर संघ के प्रान्तीय आहवाहन पर गुरूवार को मजदूर और कर्मचारी महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी उपेक्षाओं के कारण अत्यंत परेशान है। मजदूर संगठन के अध्यक्ष बाल्मिकी शर्मा के नेतृत्व मे गुरूवार को सरयू पाण्डेय पार्क में धरना प्रदर्शन किया और सूबे के मुख्यमंत्री को संम्बोधित अपने 22 सूत्रीय ज्ञापन उप जिलाधिकारी सदर रविश गुप्ता को सौपा। ज्ञापन मंे आठवें वेतन आयोग की सिफारिश 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाये, आशा को न्यूनतम 18 हजार व आशा संगिनी को 24 हजार रूपये मानदेय निश्चित करने, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के संविदा कर्मियों उपलब्ध रिक्तियों के अनुरूप नियमित किया जाये करने एवं मृतक आश्रित कोटे से भर्ती किये जाने हेतु शासन की अनुमति की बाध्यता को समाप्त किया जाये। पटरी रेहड़ी दुकानदारों को समुचित स्थान दिया जाए एवं उनका उत्पीड़न बंद किया जाये, ई-रिक्शा एवं आटो को स्टैंड दिया जाये एवं पुलिस उत्पीड़न बंद किया जाये, एनएचएम के सभी संविदा कर्मियों की बीमा, स्थानांतरण, वेतन विसंगतियों की समस्याओं का समाधान हो और एएमएस को हटाया जाये, 108 एवं 102 एंबुलेंस के बर्खास्त कर्मियों की बहाली हो तथा ड्राफ्ट व धन उगाही को बंद किया जाये, ई-रिक्शा चालक, आटो चालक, धोबी, दर्जी, बढ़ई, लुहार, मोची, कुम्हार को मजदूर की श्रेणी प्रदान की जाये, जिला सहकारी बैंकों वेतन पुनरीक्षण में बाधक बने आयुक्त एवं निबंधक, सहकारिता के वित्तीय मानकों को उत्तरांचल की तरह व्यवहारिक कर संशोधन किया जाये। कृषि ग्रामीण एवं दिहाड़ी मजदूरों का पारिश्रमिक तय किया जाए एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए। नगर निगमों में स्थायी सफाई कर्मियों की भर्ती तथा संविदा कर्मियों को नियमित किया जाये। नगर निगम प्राधिकरण, नगर पालिका, जलकल एवं स्वायत्तशासी संस्थाओं के चालकों की प्रोन्नति एवं उनका कैडर पुनर्गठन किया जाये। प्रदेश के सभी जिलों में सरकारी एवं निजी उद्योगों में कार्यरत संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मियों की नियमावली बनायी जाये और शोषण व उत्पीड़न बंद किया जाए। मिड-डे मील कर्मचारियों का मानदेय रुपये 10 हजार किया जाये। पत्रकारों व श्रमजीवी पत्रकारों को सुरक्षा बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाये। प्रदेश के चीनी मिलों और डिस्टिलरी में कार्यरत कर्मचारियों का वेतन पुनरीक्षण की अधिसूचना शासन स्तर पर लम्बित है, कर्मचारियों के वेतन भत्ते एवं मंहगाई भत्ते की दर में उचित बढोत्तरी करते हुए, शासनादेश यथाशीघ्र जारी किया जाये। श्रम विभाग से संबंधित कमेटियों, बोर्डों व परामर्शदात्री समितियों का गठन किया जाए तथा श्रम संघों को प्रतिनिधित्व दिया जाये। वर्ष 2003 के सांकेतिक हडताल में सम्मिलित भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध उर्जा विभाग में कार्यरत यूनियन के पदाधिकारियों का उत्पीडन कार्यवाही समाप्त की जाये। प्रतिनिधिमण्डल में संगठन के जिलाध्यक्ष बाल्मिकी शर्मा, दीपक राय, यूसी राय, विजय कृष्ण, रानू अग्रवाल, विपुल रावत, प्रमिला, रिजवाना आदि उपस्थित रही।








