बलिया: अगर मिशन अधूरा रह जाए तो मेरे अंगों को बेच दिया जाए – दिलीप चौहान बागी**

GRNews Network Brodcast center editor in chief ved Parkash Srivastava
बलिया। राष्ट्रीय साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थान साहित्य उन्नयन द्वारा बलिया जिले के गौरा मदनपुरा गांव में 50 जरूरतमंद बच्चों में कॉपी – कलम का निःशुल्क वितरण किया गया। उपस्थित बच्चों, ग्रामीणों एवं संगठन के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए संस्था के संस्थापक डॉ. दिलीप कुमार चौहान बागी ने कहा कि जीवन काल में एक लाख गरीब एवं जरूरतमंत बच्चों में निःशुल्क शिक्षण सामग्री के वितरण के प्रण के साथ आपके बीच खड़ा हूं। बिना किसी सरकारी अनुदान के, सीमित संसाधनों के बूते अभी तक लगभग दस हजार एक सौ पच्चास बच्चों में उक्त सामग्री का सफलतापूर्वक वितरण किया जा चुका है। अगर अधूरे मिशन के साथ मैं मर भी गया तो समाजहित में मेरे अंगों को बेच दिया जाए। यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि समाज से जितना समर्थन चाहिए उतना नहीं मिल पा रहा है। फिर भी हम अपनी टीम के साथ संघर्षों से लड़ते हुए आगे बढ़ेंगे। मीडिया के प्रति आभार प्रकट करते हुए आगे कहा कि भले सरकार और समाज की आँखे बंद हो परंतु मीडिया के कैमरे का फ्लैश हमारे संघर्षों पर पड़ रहे हैं, समाचार पत्रों के पन्नों पर संगठन के समर्पण का हिसाब दिखता है।इस अवसर पर संगठन के बलिया इकाई के संरक्षक इंद्रजीत वर्मा, अध्यक्ष तारकेश्वर गुप्ता, उपाध्यक्ष संतोष चौहान, कोषाध्यक्ष रामबदनवर्मा, अनिल यादव, रामअवध यादव, काशीनाथ यादव, अजीत यादव, खुशी यादव सहित कई अन्य सम्मानित ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संतोष चौहान ने की। पश्चिम बंगाल के कॉर्डिनेटर सुभाष चंद्र वर्मा द्वारा आभार ज्ञापित किया गया।







