
गाजीपुर केआईपीएस डा. संतोष सिंह ने सीआईएसएफ हैदराबाद मुख्यालय में संभाला डीआईजी का पदभार*

GRNews Brodcast center editor in chief ved Parkash Srivastava
गाजीपुर। देवकली गाजीपुर निवासी छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अधिकारी डॉ. संतोष कुमार सिंह ने आज हैदराबाद स्थित मुख्यालय में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के दक्षिण जोन-II के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। इस जोन के अंतर्गत आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तरी कर्नाटक में स्थित CISF-सुरक्षित इकाइयों—खदानें, कारखाने, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम व अन्य इकाइयों की सुरक्षा के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ प्रमुख बंदरगाहों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी शामिल है। ऐसे में यह पद न केवल प्रशासनिक दृष्टि से बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के आईपीएस संतोष कुमार सिंह को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में डीआईजी पद पर 16 मार्च 2026 को सेंट्रल डेपुटेशन मिला है। सीआईएसएफ देश की प्रमुख केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों में से एक है, जो औद्योगिक प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों, परमाणु संयंत्रों, सरकारी इमारतों और संसद जैसे संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। हाल के वर्षों में CISF को देश के प्रमुख बंदरगाहों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है, जिससे इसकी भूमिका और भी व्यापक हो गई है। संतोष सिंह की कार्यशैली में सख्ती और संवेदनशीलता का संतुलन देखने को मिलता है, जिसने उन्हें एक प्रभावी और जनहितैषी अधिकारी के रूप में स्थापित किया है। अब CISF में नई जिम्मेदारी के साथ उनसे यह अपेक्षा की जा रही है कि वे अपने अनुभव और नेतृत्व क्षमता के दम पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि संतोष सिंह जैसे अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति से दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण औद्योगिक और रणनीतिक संस्थानों की सुरक्षा में और मजबूती आएगी। यह नियुक्ति न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि गाजीपुर जिले के लिए भी गर्व की बात है। इससे पहले वे पुलिस मुख्यालय रायपुर में डीआईजी, सीसीटीएनएस/एससीआरबी के पद पर कार्यरत थे।आईपीएस संतोष कुमार सिंह अपने ‘निजात अभियान’ के लिए भी चर्चित रहे हैं, जो अवैध नशे के खिलाफ चलाया गया था। इस अभियान के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर IACP अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। ज्ञातव्य है कि गाजीपुर जनपद के देवकली निवासी वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार कुशवाहा के बड़े पुत्र हैं। जवाहर नवोदय विद्यालय गाजीपुर से हाईस्कूल की पढ़ाई। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू), वाराणसी से राजनीति-शास्त्र में बीए और एमए। ग्रेजुएशन में यूनिवर्सिटी टॉपर और पीजी के दौरान गोल्ड-मेडलिस्ट, यूजीसी नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण, अंतर्राष्ट्रीय संबंध विषय में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) नई दिल्ली से एम.फिल, दुर्ग विश्वविद्यालय से संयुक्त राष्ट्र के शांति-निर्माण कार्यों पर पीएचडी। संयुक्त राष्ट्र संघ के शांति निर्माण पर शोध किताब का प्रकाशन जिसके लिए नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोवाल से प्रशंसा पत्र भी मिला। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित नौ विभिन्न जिलों- रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव, कोरिया, रायगढ़, महासमुंद, नारायणपुर व कोंडागांव जिलों में एसपी/एसएसपी के रूप में पदस्थ रहे। पूर्व में सुकमा में एएसपी और दुर्ग में सीएसपी के पद पर सेवाएं दीं। सामुदायिक पुलिसिंग में विशेष अभिरुचि और नक्सल जिलों में पदस्थापना दौरान नक्सलियों के आत्मसमर्पण, गिरफ्तारी और एनकाउंटर में योगदान रहा। महासमुंद जिले में बाल-हितैषी पुलिसिंग के लिए उपराष्ट्रपति द्वारा चैंपियंस ऑफ चेंज अवार्ड, रायगढ़ जिले में संवेदना अभियान के लिए फिक्की स्मार्ट पुलिसिंग पुरस्कार और इंडिया पुलिस अवार्ड, कई जिलों में चर्चित नशा-विरोधी कार्यवाही व जागरूकता अभियान, निजात चलाया। नशा विरोधी अभियान, निजात के लिए अमेरिका की प्रतिष्ठित संस्था, इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ चीफ्स ऑफ पुलिस से आईएसीपी अवार्ड, निजात अभियान को बीपीआरएंडडी (BPR&D), गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 30 सर्वश्रेष्ठ स्मार्ट पुलिसिंग कार्यों में से एक के रूप में चुना गया है। रायगढ़ में एक दिन में सर्वाधिक मास्क, 12.37 लाख मास्क, वितरण का विश्व रिकॉर्ड। महासमुंद में सर्वाधिक बच्चों को सेल्फ-डिफेंस में प्रशिक्षित करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया।







