♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में फर्जी आय जाति प्रमाण पत्रों के मामले में जिलाधिकारी ने 10 लेखपालो को किया निलंबित, बी आर सी आपरेटर पर मुकद्दमा,गहन जाँच जारी*।*

GRNews Network  editor in chief Ved Prakash Srivastava

गाजीपुर जिले में राजस्व विभाग में फर्जी प्रमाणपत्रों का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिला प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ है कि आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में फर्जी बीपीएल आय और जाति प्रमाणपत्रों के जरिए कई अभ्यर्थियों ने नौकरी हासिल की। इस मामले में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने सख्त एक्शन लेते हुए 10 लेखपालों को निलंबित कर दिया है जबकि जखनियां तहसील के एक बीआरसी ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
जांच में पाया गया कि 14 अभ्यर्थियों ने अपनी आय 46 हजार रुपये से कम दिखाकर बीपीएल श्रेणी में शामिल होने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र बनवाए। इनमें से कई के परिजन पहले से सरकारी नौकरी में हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के स्टेनो राधेश्याम यादव की विवाहिता बेटी पूजा यादव भी इस सूची में शामिल हैं। पूजा के पति सरकारी शिक्षक हैं फिर भी उन्होंने फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर आंगनबाड़ी में नौकरी हासिल की और बाद में इस्तीफा दे दिया। सीडीओ संतोष वैश्य ने इस मामले में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी।
जखनियां तहसील में 9680 फर्जी प्रमाणपत्र
सबसे बड़ा घोटाला जखनियां तहसील में सामने आया जहां एक बीआरसी ऑपरेटर ने स्थानांतरित लेखपालों की आईडी का दुरुपयोग कर 9680 फर्जी प्रमाणपत्र जारी किए। इनमें 5849 आय, 1966 जाति और 1865 निवास प्रमाणपत्र शामिल हैं। शिकायत के बाद जांच में इसकी पोल खुली। एसडीएम जखनियां ने ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। जिलाधिकारी ने बताया कि यह ऑपरेटर तहसील कैंटीन के लेखपालों की आईडी का गलत इस्तेमाल कर रहा था।
जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने जांच में दोषी पाए गए 10 लेखपालों को तत्काल निलंबित कर दिया और एक लेखपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। डीएम ने कहा, “जांच अभी जारी है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। यह एक गंभीर मामला है और इसमें किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”

इस घोटाले ने जिले के राजस्व विभाग और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठा दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि फर्जीवाड़े में शामिल सभी लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब गाजीपुर में चर्चा का विषय बन गया है

 

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129
[news_reels]