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हिन्दी को फूलों सा व्यवहार चाहिए, हिन्दी तुमको प्यार चाहिए* – *हिन्दी साहित्य शिरोमणि – गजानंद शर्मा*

GRNews network editor in chief ved Parkash Srivastava
गाजीपुर जिला अंतर्गत नगसर हाल्ट रेलवे स्टेशन एवं थाना के निकट जगजीवन राम इण्टर कालेज में काशी हिन्दी विद्यापीठ द्वारा संचालित अखिल भारतीय लेखक कवि कलाकार परिषद् के संस्थापक कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक के प्रमुख संयोजन में एवं मिशन जामवंत से हनुमान जी के राष्ट्रीय संयोजक सूर्य कुमार सिंह प्रमुख अतिथि, खण्ड महाकाल रचयिता कवि कामेश्वर द्विवेदी, कवि दिनेश शर्मा, औषधि पण्डित रंग बहादुर सिंह ,बावन ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष – राजेश्वर तिवारी विशिष्ट अतिथि के गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रवादी हिन्दू शक्ति वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता के प्रमुख संरक्षण में कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक एवं कवि कुमार प्रवीण के संचालन में रामगोपाल तिवारी लड्डू,जगजीवनराम इ.का.के प्रबंध संपादक पशुपतिनाथ पाण्डेय, कुंजबिहारी राय, धनंजय पाण्डेय धन्नू बाबा,के स्वागत संरक्षण में गाजीपुर काव्य संगम एवं गाजीपुर दर्पण सम्मान समारोह का आयोजन साहित्य चेतना समाज के संस्थापक कवि अमरनाथ तिवारी अमर के अध्यक्षता में गाजीपुर के प्रख्यात साहित्यकार डॉ. विवेकी राय, लाखों लोगों को नेत्र दान करवाने सहित अनेकों रचनात्मक कार्य करने वाले चन्द्रमा शर्मा रसेश, हिन्दी के पूर्व प्रवक्ता एवं कवि चन्द्रदेव शर्मा निशेष जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर अनेकों लोगों को गाजीपुर दर्पण सम्मान, स्मृति चिन्ह,अंग वस्त्र, सम्मान पत्र भेंट करने वाले स्व.कवि चन्द्रदेव शर्मा निशेष जी के सुपुत्र गजानंद शर्मा को हिन्दी साहित्य शिरोमणि डाक्ट्रेट मानद समतुल्य विशेष मानद सम्मान – काशी हिन्दी विद्यापीठ के कुल सचिव एवं कार्यक्रम के प्रमुख संयोजक ने भेंट किया।
गजानंद शर्मा ने कहा कि हिन्दी को फूलों सा व्यवहार चाहिए, हिन्दी तुमको प्यार चाहिए।इस भाव के साथ मेरे बड़े पिता स्व. चन्द्रमा शर्मा रसेश जी और पूर्व हिन्दी के प्रवक्ता एवं प्रख्यात साहित्यकार चन्द्रदेव शर्मा निशेष जी ने भारत वर्ष के अहिन्दी भाषी क्षेत्रों में पत्रकारिता, अनेकों हिन्दी के उत्थान के लिए मरते दम तक प्रयास किया। शिक्षा,समाज सेवा के क्षेत्र में भी वे लोग ज़रूरतमन्द लोगों के लिए आर्थिक रूप से सक्षम पूंजी पतियों को प्रेरित करके गाजीपुर के नगसर में प्रत्येक वर्ष हजारों लोगों का आंख का आपरेशन, अंगवस्त्र, भोजन, चश्मा आदि बिना किसी भेदभाव के निःशुल्क लगभग तीन दशक तक उपलब्ध करवाया। उन लोगों के पदचिन्हों पर चलते हुए। हमलोगों से जितना भी जैसे भी जो भी संभव हो।मानवहितार्थ हर संभव प्रयास करते रहने की आवश्यकता है।
गाजीपुर काव्य संगम में मुख्य अतिथि सूर्य कुमार सिंह ने कहा कि हम सबको जैविक खेती, स्वदेशी उत्पाद अपनाने और विश्वगुरु भारत की गरिमा को गौरवान्वित करवाने के लिए सतत् प्रयास करने की आवश्यकता है।
गाजीपुर काव्य संगम में कवि अमरनाथ तिवारी अमर, कामेश्वर द्विवेदी, औषधि पण्डित रंग बहादुर सिंह, दिनेशचन्द्र शर्मा, डा.विजय नारायण तिवारी, सत्यवान फौजी, डॉ .वेदप्रकाश श्रीवास्तव,कुमार प्रवीण, योगेश कुमार पाण्डेय, मनोज यादव बेफिक्र गाजीपुरी, दामोदर दबंग, इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक सहित अनेकों रचनाकारों ने श्रोताओं को अपनी रचनाओं भाव-विभोर कर दिया।
गाजीपुर दर्पण सम्मान – राजेश्वर तिवारी,फणिनदर राय, गायक शिवांश तिवारी हर्ष, रघुनाथ प्रसाद जायसवाल, त्रिलोकीनाथ जायसवाल, प्रकाश कुमार राय, कालिका तिवारी, राम मनोज तिवारी,अजीत सिंह सहित अनेकों लोगों को भेंट किया गया।
आगंतुक जनों का स्वागत पशुपतिनाथ पाण्डेय, धनंजय पाण्डेय धन्नू बाबा एवं कुंजबिहारी राय धन्यवाद आभार डॉ. विजय नारायण तिवारी, राजेश्वर तिवारी, रामगोपाल तिवारी लड्डू ने संयुक्त रूप से किया।

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