*ग्राम धनौता में संपन्न कवि सम्मेलन में हुआ ,यशस्वी भोजपुरी गीतकार वंशनारायण सिंह मनज का सम्मान*

गाजीपुर जमानिया तहसील के गांव धनौता में मंगलवार की रात्रि आदर्श शिक्षा निकेतन स्कूल के प्रांगण में एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भोजपुरी के यशस्वी गीत कार वंश नारायण सिंह मनज को अंग वस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया गया । कवि सम्मेलन के संचालक विद्वान प्रवक्ता एवं कवि डॉ अक्षय पांडे ने युवा गीतकार उत्तम चौबे को मंच पर आमंत्रित किया जिन्होंने सरस्वती वंदना ने सब का मन मोह लिया। इस अवसर पर कवि जयनारायण कुशवाहा ने सम्राट अशोक पर अपनी कविता सुनकर वातावरण को बुद्ध मय कर दिया । गीतकार वेद प्रकाश वेद की अपने गुरु मनज जी को समर्पित मुक्तक *आज युग प्रीत तुम्हारे लिए समर्पित है आज के गीत तुम्हारे लिए समर्पित**है सुना कर अपनी रचना प्रारंभ की। जहांअतुकांत कविता के सागर आनंद कुशवाहा ने अपनी रचना के माध्यम से युवा पीढ़ी में एक चेतना पैदा की वहीं दूसरी तरफ दामोदर दबंग ने सामाजिक दुर्व्यवस्था पर प्रतिघात करते हुए प्रधानी के चुनाव की विकृति पर* देखा अब प्रधानी आइल *सुनाकर श्रोताओं का मन मोह लिया इसी क्रम में साहित्य जगत के हस्ताक्षर विनय कुमार बबूरंग ने सामाजिक दुर्व्यवस्थाओं पर करारा प्रहार किया अपनी रचना के माध्यम से जिसे श्रोताओं ने बहुत सराहा विधा का परिवर्तन करते हुए हास्य व्यंग के प्रसिद्ध कवि योगेश त्रिपाठी ने अपनी रचना के माध्यम से सामाजिक दुर्व्यवस्था को उकेरा। तत्पश्चात गीतकार उत्तम चौबे ने अपने गीतों के माध्यम से श्रोताओं का मन हरा भरा कर दिया। कवि सम्मेलन के विधा को बदलते हरिश्चंद्र राय अपनी कविताओं में वीर रस के मिश्रण से सबको रोमांचित कर दिया। तत्पश्चात गीतकार सुनील कुमार ने अपनी गीतों के माध्यम से श्रोताओं से खूब बाहबाही लूटी अंत में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ गीतकार कुमार शैलेंद्र पांडे ने अपने गीतों से लोगों को भाव विभोर कर दिया। कवि सम्मेलन का संचालन विद्वान प्रवक्ता डॉक्टर अक्षय पांडे ने किया एवं अध्यक्षता गीतकार कुमार शैलेंद्र ने किया। कार्यक्रम के अंत में आयोजन ईश्वर चंद्र एवं आनंद कुशवाहा ने सभी उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आकर्षक के केंद्र बने दिलदारनगर से पधारे स्वर्गीय डॉक्टर सुधाकर पांडे के भाई सुरेंद्र पांडे की कवियों ने भूरी भूरी प्रशंसा की और कहा की दिलदारनगर में उनके घर के चौखट से ही साहित्य का सृजन एवं संरक्षण होता चला आ रहा है। इस अवसर पर डॉक्टर जोधन ,संजय कुमार ,कृष्णा ,संजय मौर्य, गुलाम अली खान, डॉक्टर वहुद सहित भारी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे ।

















