♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

हिंदुत्व कोई पंथ या संकीर्ण विचार नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है* *संस्कार, संगठन और संकल्प से होगी हिंदुत्व की रक्षा ___ महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति*

*GRNews Network & Brodcast centre* editor in chief Ved prakash Srivastava

गाजीपुर। हिंदुत्व कोई पंथ नहीं, कोई संकीर्ण विचार नहीं बल्कि हिंदुत्व भारत की आत्मा है। आज मैं इस पावन हिंदू सम्मेलन के मंच से केवल शब्द नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की सनातन चेतना की पुकार आपके समक्ष रख रहा हूँ।

उक्त वक्तव्य मनिहारी क्षेत्र के रतन देव बालिका इण्टर कालेज, बरौली में जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हिन्दू सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए सिद्धपीठ हथियाराम के पीठाधीश्वर परमपूज्य महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति जी महाराज ने व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि जिस दिन हमने अपनी आत्मा को पहचाना, उस दिन कोई शक्ति हमें पराजित नहीं कर सकती। हिंदुत्व की रक्षा केवल शस्त्र से नहीं होती, हिंदुत्व की रक्षा संस्कार, संगठन और संकल्प से होती है। आज जब हमारी संस्कृति, हमारे मंदिर, हमारी परंपराएँ और हमारी पहचान को चुनौती दी जा रही है, तब हर हिंदू को यह समझना होगा कि मौन भी एक अपराध बन सकता है।

उन्होंने कहा कि अखंड भारत कोई राजनीतिक कल्पना नहीं है,अखंड भारत हमारी सांस्कृतिक सच्चाई है। जिस भूमि पर वेदों की ऋचाएँ गूंजीं, जिस मिट्टी में राम, कृष्ण, शिवाजी और गुरु गोविंद सिंह की चेतना समाई है, वह भूमि कभी विभाजित नहीं हो सकती। आज राष्ट्र चेतना को जागृत करने की आवश्यकता है। राष्ट्र चेतना का मतलब केवल तिरंगा हाथ में लेना नहीं, राष्ट्र चेतना मतलब राष्ट्र के लिए जीना और राष्ट्र के लिए खड़ा होना है।

सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कारवाह मुरली पाल जी ने कहा कि आज इस हिंदू सम्मेलन के पावन मंच से जब हम अपने इतिहास के स्वर्णिम पन्नों को पलटते हैं, तो कुछ नाम ऐसे हैं जिनका स्मरण मात्र ही हृदय को गर्व से भर देता है और आंखों को नम कर देता है। ऐसे ही अमर बलिदानी हैं वीर जोरावर सिंह और फतेह सिंह जी जिन्होंने मातृभूमि और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों को हंसते-हंसते न्योछावर कर दिया। वीर जोरावर सिंह और उनके भाई केवल योद्धा नहीं थे, वे हिंदू समाज की चेतना थे। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि जब धर्म, संस्कृति और राष्ट्र पर संकट आता है, तब हिंदू केवल सहन नहीं करता, बल्कि शौर्य के साथ खड़ा होता है।

सम्मेलन के पूर्व महामंडलेश्वर भवानी नन्दन यति जी महाराज ने समाज व देश हित के परम्परागत पौराणिक कार्यक्रम रामहित मे हरिहरात्मक पूजा, संध्या आरती व प्रवचन कर लोगों में नवचेतना का संचार किया।

इस अवसर पर सत्येन्द्र जी , नागेन्द्र जी, संजय जी ,गौरव जी, भानु प्रताप सिंह, कृष्ण बिहारी राय, बिजेंद्र राय, सरोज कुशवाहा, प्रवीण सिंह , दयाशंकर पांडेय, रमेश जी,, विनीत शर्मा, प्रदीप कुमार सिंह, अखिलेश सिंह, खरभू चौहान, मुराहू राजभर सहित काफी संख्या में गणमान्य जन उपस्थित रहे।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129
[news_reels]