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जिलाधिकारी ने किया पल्स पोलियो कार्यक्रम का शुभारंभ*

 

GR news network editor in chief ved Prakash shrivtastav
गाजीपुर पल्स पोलियो अभियान जो 8 दिसंबर से 13 दिसंबर तक चलाया जाना था। रविवार को कार्यक्रम का शुभारंभ नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाथीखाना पर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने जिंदगी के दो बूद बच्चों को पिलाकर कार्यक्रम का विधवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने आए हुए बच्चों के अभिभावकों से शत प्रतिशत बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाने की अपील किया। वही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद पर एसडीएम मोहम्मदबाद मनोज पठाज के द्वारा पल्स पोलियो की खुराक पिलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील कुमार पांडे ने बताया कि गाजीपुर जनपद में पल्स पोलियो अभियान के तहत 5.5 लाख बच्चों को पोलियो का खुराक पिलाया जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके लिए कुल 2009 बूथ बनाए गए हैं और इन्हीं बूथों पर 0 से 5 साल तक के बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के शुभारंभ हो जाने के बाद सोमवार से शुक्रवार तक घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। वहीं छूटे हुए बच्चों को स्पेशल कार्यक्रम के तहत 16 दिसंबर को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद के अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि उनके क्षेत्र में कुल 126 केंद्रों के माध्यम से पल्स पोलियो की खुराक बच्चों को पिलाया जाएगा। इसके लिए कुल 24 सुपरवाइजर लगाए गए हैं।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ सुजीत कुमार मिश्रा ने बताया पोलियो या पोलियोमेलाइटिस एक गंभीर और खतरनाक बीमारी है जो वायरस से होती है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है। साथ ही यह वायरस जिस भी व्यक्ति में प्रवेश करता है उसके मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है जिसकी वजह से लकवा भी हो सकता है। उन्होने बताया 2014 से अभी तक भारत में पोलियो के एक भी रोगी नहीं देखे गए । यह दवा पाँच वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों के लिये आवश्यक है। यह दवा जन्म के समय, छठे, दसवें व चौदहवें सप्ता्ह में दी जाती है इसके बाद 16 से 24 माह की आयु में बूस्टर की खुराक दी जाती है। पाँच वर्ष तक की आयु के बच्चों को बार-बार खुराक पिलाने से पूरे क्षेत्र में इस बीमारी से लड़ने की क्षमता बढ़ती है, जिससे पोलियो के विषाणु को पनपने से रोका जा सकता है।

इस चरण के लिए  जन्म से पाँच वर्ष तक के 5.5 लाख सम्भावित बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस चरण के लिए जिले भर में 2009 बूथ बनाए गए हैं। साथ ही 64 मोबाइल टीम भी बनाई गई है जिसके माध्यम से बूथ स्तर पर पोलियो अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही अभियान के 948 टीमें बनाए गए हैं जो घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का काम करेंगे। साथ ही बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर पोलियो की खुराक पिलाने के लिए 85 टीम ने बनाई गई हैं। पल्स पोलियो के कार्यक्रम को सकुशल निपटाने के लिए एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ती इसमें अपना सहयोग करेंगी।

कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ जयनाथ सिंह, डॉ मनोज कुमार सिंह, विश्व स्वास्थ्य संगठन से एसआरटील, यूनिसेफ से बलवंत सिंह और श्री प्रदीप सिंह, यूएनडीपी से प्रवीण कुमार उपाध्याय, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ईशानी डॉ स्वतंत्र सी, अर्बन कोऑर्डिनेटर अशोक कुमार के साथ अन्य लोग उपस्थित रहे।

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