
काशी में 12 ज्योतिर्लिंग का मंदिर विभिन्न स्थानों पर विराजमान है-पं राधारमण द्विवेदी*

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**एडिटर इनचीफ वेद प्रकाश श्रीवास्तव **
वाराणसी। दिनांक 18 अगस्त, जैतपुरा स्थित ज्वर हरेश्वर महादेव मंदिर में शिव महापुराण के कथा के पांचवें दिवस पर बोलते हुए पूज्य पं राधारमण द्विवेदी महाराज ने शिव विवाह की चर्चा करते हुए कहा कि माता पार्वती के तपस्या के बाद उनका विवाह महादेव जी के साथ सम्पन्न हुआ, जिसे सुनकर समस्त भक्त भावविभोर हो उठे।
उन्होंने बताया कि काशी में सोभनाथ जी का मंदिर, मान मंदिर घाट, दशाश्वमेध, मल्लिकार्जुन जी का मंदिर, शिवपुरवा, महाकालेश्वर मंदिर, महामृत्युंजय मंदिर परिसर दारानगर, ओमकालेश्वर महादेव मंदिर, मछोदारी, पठानी टोला, बैजनाथ जी का मंदिर, बैज़नत्था, कमच्छा, भीमाशंकर महादेव मंदिर, मणिकर्णिका घाट (काशी करवट), रामेश्वर महादेव मंदिर, रामकुंड, लक्सा, नागेश्वर महादेव मंदिर, भोसला घाट, पटनी टोला, काशी विश्वनाथ मंदिर, ज्ञानवापी, त्रयंबकेश्वर महादेव मंदिर हौज कटोरा, बांस फाटक, केदारेश्वर जी महादेव मंदिर, केदार घाट, सोनारपुरा, घृणरेश्वर महादेव मंदिर, कामाख्या देवी मंदिर परिसर कमच्छा, इन समस्त स्थानों पर दर्शन करने के पश्चात बारहों ज्योतिर्लिंग के दर्शन का पुण्य जीव को प्राप्त होगा।
अंत में व्यास पीठ की आरती में अभय स्वाभिमानी, राजेश सेठ, डॉ अजय जयसवाल, जयशंकर गुप्ता, किशोर सेठ, ओम प्रकाश (एलआईसी), मुन्ना लाल यादव आदि लोग शामिल थे।”








