
गुमशुदा नाबालिग किशोरी मामले में दख़ल और ऐपवा संगठन ने पीएमओ कार्यालय में सौंपा ज्ञापन,दी आंदोलन की चेतावनी*

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एडिटर इनचीफ वेद प्रकाश श्रीवास्तव
वाराणसी। दिनांक 2 अगस्त, वाराणसी में नाबालिग किशोरी खुशी पाल के लापता होने के मामले में दखल संगठन और एपवा के अगुवाई में आज प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के साथ साथ सीओ सिटी विदुश सक्सेना से भेंटकर कार्यवाही की जानकारी भी ली गयी।
उक्त मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए महिला ऐक्टिविस्टों ने कहा कि बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान चलाते समय सरकार को एनसीआरबी के आंकड़ों को भी संवेदना पूर्वक देखने की जरूरत है। महिला अपराध दिन ब दिन बढ़ रहे है और पहले से क्रूर हो रहे हैं। पड़ोसी जिले गाजीपुर में ढाई वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है। आए दिन छेड़छाड़ और दुष्कर्म की वारदात अख़बार का आम हिस्सा बनती जा रही है। हम महिला अधिकारों और लैंगिक मुद्दों पर सचेत समूह है। हम ऐसे असुरक्षित माहौल की पुरजोर मुखालफत करते है। बनारस में हम खुशी पाल के परिवार के साथ खड़े हैं और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए कोशिश में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़े कह रहे है कि हर दिन 1454 महिलाएँ और लड़कियां लापता हो रही है। 2 साल में 10 लाख से ज्यादा महिलाएं और लड़कियां लापता हुई है। ये वो डेटा है जो रिजस्टर्ड है पता नही और कितनी ही संख्या होगी जिनकी गिनती हुई ही नही, ऐसे में हम महिलाएं खुदको कितना सुरक्षित महसूस करेंगी। बेटियां लापता हो रही हैं और पुलिस प्रसासन चुपचाप बैठी है।
इस अवसर पर दख़ल संगठन और एपवा के सदस्यों ने कहा कि हम पुलिस प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि इस मामले को गंभीरता से लें और खुशी पाल को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाएं। सीओ सिटी ने आश्वासन दिया गया है कि 3 दिन के अंदर आपको परिणाम सामने दिखेगा।

















