♦इस खबर को आगे शेयर जरूर करें ♦

*मनुष्य अपनी गलती करने के लिए तैयार नहीं है ,यदि गलती मान जाए तो उत्थान हो जायेगा।=== पूज्य बाबा विशाल भारत जी* **आत्म अनुसंधान आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर विचार गोष्ठी आयोजित

* GRNews Network YouTube news chainal editor in chief ved Parkash Srivastava

लालगंज (आजमगढ़) स्थानीय विकास खंड के मई खरगपुर गांव स्थित आत्म अनुसंधान आश्रम परिसर के जया -विजया प्रासाद में बुधवार को गुरु पूर्णिमा पर विचार गोष्ठी आयोजित की गयी। परम पूज्य बाबा विशाल भारत जी ने विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए अपने आर्शीवचन मे कहा कि गुरु पूर्णिमा के पर्व पर अपने जन्मदायिनी माता- पिता को प्रणाम करता हूं यह उनका अधिकार है तथा मेरा धर्म व कर्तब्य है। राजराजेश्वरी मणि द्वीपेश्वरी को प्रणाम करता हूं। जो मेरे प्रणाम की अधिकारी है। आध्यात्मिक दृष्टि से परिवार की परिभाषा मे सनातन की बात की जाए तो सबसे वैज्ञानिक परिभाषा वसुधैव कुटुंबकम होती है। प्रायः लोग पुछते है खेती बारी पशु परानी का क्या हाल है। और आज पत्नी के साथ कही लोग जाते है तो कहते है कि परिवार के साथ गये थे। समय, परिस्थिति ,काल, परिवेश बहुत कुछ कह रहा है। आंख वाले अंधे, कान वाले बहरे हो गए है। समय सबसे महत्वपूर्ण है सभी को वर्तमान में जीना चाहिए, भविष्य कोई जानता नहीं है। 34 वर्ष का कार्य, फल, परिणाम देखता हूं तो अवसाद में चला जाता हूं। मनुष्य अपनी गलती मानने के लिए तैयार नहीं है। यदि गलती मान जाय तो उत्थान शुरू हो जाएगा। बोलना वही चाहिए जो चरितार्थ हो सके, संपत्ति ही विपत्ति का कारण है। आज तो लोगों को अपने बच्चों के लिए ही समय नहीं है परेशानियां विपत्तियां किसके पास नहीं है। आज लोग चरित्र निर्माण पर ध्यान नहीं देते है। एक बच्चे का निर्माण व संस्कार कैसे होना चाहिए। माता – पिता करते ही नहीं। बच्चो को मोबाइल पकड़ा दिया जाता है। सपनो मे जीवन न जिए भगवती विंध्यवासिनी देती ही नही, ले भी लेती है। केवल कल्याण ही नहीं करती, गलत कार्य पर निश्चित रूप से दंडित करती है। अपनी मनोकामना रखें। जो होना रहेगा वह होगा ही, वर्तमान को अच्छे से बनाइए। जीवन हानि लाभ से नहीं चलता। *हर समय काल मे धरती पर ऐसा कोई न कोई मौजूद रहता है, सदैव रहेगा। जो नियति को समाप्त कर नई नियति देता है,*। सतयुग तो सत्य का युग था यह झूठ का युग है। धरती पर मात्र दो प्रतिशत अच्छे लोग है, जिनके भरोसे यह व्यवस्था चल रही है। कैविनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम को सबोधित करते हुए कहा कि पहले गुरु माता- पिता होते है। आपके जीवन का पहला लक्ष्य अपने नन्हे मुन्ने बच्चों का चरित्र निर्माण किया करना है। उन्होंने कहा कि आत्मअनुसंघान आश्रम परिसर के जया- विजय सभागार मे ऐसे बहनो व भाइयो को नहीं देखा जो आपस मे बात कर रहे हो। वे केवल एकाग्र होकर बैठे है कि उर्जा मेरे पास धीरे – धीरे खीच कर आ जाय व निगेटिव शक्तियां बाहर चली जाय। जीवन को बचाने वाली उर्जा मिले। आज के वातावरण में संकट विश्व पर गहरा रहा है। हम लोग बचने वाले नही है। कोई बचा सकता है तो वह गुरु। पूरी दुनिया के अंदर युद्ध चल रहा है पर्यावरण की स्थिति, भयंकर घटना घट रही है। जहां आज नहीं लगनी चाहिए वहां आग लग रही है। जल, जलवायु और जीवन तीनो विचलित है। वही कैबिनेट मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि शिक्षा मुक्ति का मार्ग सीखाती है। लेकिन अब शिक्षा नौकरी तक रह गई है। कोरोना के समय पैसे से मजबूत लोग भी विवश हो गए थे। कोरोना आया तो हाथ मिलाना छोड़कर सनातन धर्म को मानते हुए प्रणाम करना शुरू कर दिये। भारत मे तुलसी के पौधे को मां के रूप देखते है। कोरोना मे तुलसी के पत्ते का काढा पीकर लोगो ने जान बचायी। मां हर समय साथ देती है। पूरी दुनिया में नारी के सम्मान में शक्ति की पूजा हो। सनातन को सुरक्षित रखेंगे तो हमारा सम्मान बचेगा। गुरु पूर्णिमा पर आयोजित इस परिवारिक विचार गोष्ठी को विद्याभूषण, आलोक सिंह, राहुल सिंह, समन्त सेगर, डा सारिका कुमारी, प्रवीण सिंह, कैलाशनाथ तिवारी , मधुलिका सिंह, डा0 शरद मिश्रा, पूनम तिवारी, देवेन्द्र सिंह, ऋषिकान्त राय, अनिल भूषण, सतीश चन्द्र त्रिपाठी, बीएन सिंह तहसीलदार सिंह सहित अन्य लोगो ने सम्बोधित किया। गोष्ठी देर रात्रि तक चली। जिसके बाद श्रध्दालुओ ने परिसर मे स्थापित महातत्वामिका राजराजेश्वरी मनीदीपेश्वरी जी, मां महाकाली मां महालक्ष्मी मां महासरस्वती , गोरक्षनाथ अधोरेश्वर महाप्रभु कपाल कुण्ड मे बने अष्टकमलदल पर भगवती की आरती, पूजन व परिक्रमा कर श्रध्दालुओ ने मनोकामना पूर्ण होने की कामना किया। इस अवसर पर दिवाकर राय , तरूण सिंह गुड्डू, आचार्य सर्वेश कुमार, सन्तोष कुमार पाठक, ध्रुव सिंह, राजेन्द्र सिंह खन्ना, रामाशीष सिंह गुड्डू, झुन्ना सिंह, बलवन्त सिंह, कृष्ण मुरारी, जवाहिर, रमेश विश्वकर्मा, सहित अन्य भक्तगण उपस्थित रहे। आरती के उपरांत देर रात्रि भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। विचार गोष्ठी कार्यक्रम का शुभारंभ दिनेश तिवारी ने मंगलाचरण से किया। संचालन पूर्व प्रधानाचार्य रामनयन सिंह किया।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Close
Website Design By Bootalpha.com +91 84482 65129
[news_reels]