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सुरक्षित परिवार और सशक्त समाज की दिशा में मातृ मृत्यु रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित*

GRNews Network & Brodcast center* editor in chief ved Parkash Srivastava

गाजीपुर। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व उपलब्ध कराने तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण समीक्षा एवं कार्ययोजना बैठक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद में चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशीष राय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि गर्भावस्था से लेकर प्रसव और प्रसव के बाद तक प्रत्येक महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की जटिलता होने पर तत्काल उपचार मिल सके और मातृ मृत्यु की घटनाओं को रोका जा सके। इस बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद के अंतर्गत आने वाली समस्त एएनएम और आशा कार्यकर्ता शामिल हुई।

 

चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशीष राय ने बताया की बैठक में अधिकारियों ने मातृ मृत्यु के प्रत्येक मामले की विस्तार से समीक्षा करने, उसके कारणों का विश्लेषण करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सीएचसी में भर्ती प्रसव पश्चात महिला मरीज और उनके परिजनों को प्रेरणा कैंटीन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं जलपान भी उपलब्ध कराया जाता है।

 

*बैठक में प्रमुख बिंदुओं पर हुई चर्चा*

 

**गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण और नियमित प्रसव पूर्व जांच (ANC) सुनिश्चित करना*।

 

**हाई-रिस्क (उच्च जोखिम) गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान कर विशेष निगरानी रखना*।

 

**सभी प्रसव संस्थागत (सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पतालों में) कराने पर जोर*

 

**प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं जैसे अत्यधिक रक्तस्राव, उच्च रक्तचाप, एनीमिया, संक्रमण आदि की समय पर पहचान और उपचार*

**आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को उच्च स्तरीय अस्पताल में शीघ्र रेफर करने की व्यवस्था मजबूत करना*।

**एम्बुलेंस सेवाओं (102 एवं 108) की उपलब्धता और त्वरित संचालन सुनिश्चित करना*।

**आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना*।

प्रत्येक मातृ मृत्यु की गोपनीय समीक्षा (Maternal Death Review) कर वास्तविक कारणों की पहचान करना।

परिवारों को गर्भावस्था के दौरान पोषण, नियमित जांच, संस्थागत प्रसव और खतरे के लक्षणों के प्रति जागरूक करना।

जननी सुरक्षा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जैसी योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाना।

*मातृ मृत्यु रोकने के लिए विशेष निर्देश*

बैठक में निर्देश दिए गए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का नियमित फॉलोअप किया जाए। जिन महिलाओं में रक्त की कमी, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हों, उन्हें विशेष निगरानी में रखा जाए। स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाएं, रक्त की उपलब्धता, प्रशिक्षित चिकित्सक एवं स्टाफ तथा आपातकालीन प्रसूति सेवाएं हर समय तैयार रहें।

*सुरक्षित मातृत्व का संदेश*

समय पर जांच, संतुलित आहार, नियमित चिकित्सकीय परामर्श और संस्थागत प्रसव से अधिकांश मातृ मृत्यु को रोका जा सकता है।

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