
शिकायतकर्ताओं से संपर्क नहीं करने वाले अधिकारियों का वेतन रुकेगा, डीएम गौरांग राठी के सख्त निर्देश* *आईजीआरएस समीक्षा बैठक में खराब फीडबैक पर जताई नाराजगी*,

**GRNews Network Brodcast centre editor in chief ved Parkash Srivastava
झांसी। जनसामान्य की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी गौरांग राठी ने शुक्रवार को कड़ा रुख अपनाया। कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में आईजीआरएस, ऑनलाइन शिकायतों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क नहीं करने वाले अधिकारियों का वेतन रोका जाएगा। साथ ही सभी विभागों को शत-प्रतिशत शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर फीडबैक लेने और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री एवं शासन स्तर पर आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की लगातार समीक्षा की जा रही है। ऐसे में प्रत्येक विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी है कि असंतुष्ट, रिपीटेड और डिफॉल्टर शिकायतों का स्वयं स्थलीय सत्यापन करें तथा शिकायतकर्ता से टेलीफोन पर संवाद कर उनकी संतुष्टि सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
1,940 शिकायतकर्ताओं ने जताई असंतुष्टि
समीक्षा के दौरान सामने आया कि शासन स्तर पर जनपद की 3,869 निस्तारित शिकायतों का फीडबैक लिया गया, जिनमें 1,940 शिकायतकर्ताओं ने असंतोष व्यक्त किया। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए।
20 विभागों का प्रदर्शन बेहद खराब
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के करीब 20 विभागों में शिकायतकर्ताओं का फीडबैक शत-प्रतिशत असंतोषजनक मिला है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद गंभीर है और संबंधित अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार करें, अन्यथा कार्रवाई तय है।
गरौठा, टहरौली और एलडीएम पर भी नाराजगी
समीक्षा में तहसील गरौठा की 75 शिकायतों में से 57 तथा टहरौली की 55 शिकायतों में से 42 शिकायतों का फीडबैक असंतोषजनक पाया गया। वहीं एलडीएम पंजाब नेशनल बैंक द्वारा निस्तारित 21 शिकायतों में से 15 शिकायतकर्ताओं ने नकारात्मक फीडबैक दिया। इस पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार के निर्देश दिए।
समाज कल्याण विभाग की स्थिति भी खराब
समाज कल्याण विभाग की 275 शिकायतों का फीडबैक लिया गया, जिनमें 146 शिकायतकर्ताओं ने निस्तारण पर असंतोष जताया। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
शिकायतकर्ता से संपर्क करना होगा अनिवार्य
डीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि शिकायत का निस्तारण करने के बाद शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से संपर्क कर उसका फीडबैक प्राप्त करें और पोर्टल पर दर्ज करें। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका वेतन रोका जाएगा।
उन्होंने पंचायती राज विभाग, नगर पालिका, नगर पंचायत, खंड विकास अधिकारियों तथा जल संस्थान को निर्देश दिए कि वे 100 प्रतिशत स्थलीय निरीक्षण करें और प्रत्येक शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत संपर्क कर शिकायत का संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें।
रिपीटेड शिकायतों पर विशेष निगरानी
जिलाधिकारी ने कहा कि बार-बार आने वाली शिकायतों की संबंधित अधिकारी स्वयं समीक्षा करें। यदि अधीनस्थ अधिकारियों की लापरवाही के कारण शिकायतों का सही निस्तारण नहीं हो रहा है तो उनकी जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाए।
बैठक में नोडल अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) योगेंद्र कुमार ने अधिकारियों को जनसंवाद के दौरान शिकायतकर्ताओं का फीडबैक लेकर उसे पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। वहीं ईडीएम आकाश रंजन ने बताया कि जून माह में कई विभागों ने शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई, जिससे जिले की रैंकिंग और गुणवत्ता प्रभावित हुई। उन्होंने सभी अधिकारियों से गंभीरता के साथ कार्य करने की अपील की।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व पल्लवी मिश्रा, अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी सौम्या अग्रवाल सहित सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।







