
*अमेरिकी जोड़े ने वाराणसी के गौरी केदारेश्वर मंदिर में शादी रचाई**

GRNews Network editor in chief Ved prakash Srivastava
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आकर एक अमेरिकी जोड़े ने अग्नि को साक्षी मानकर शादी की है. उन्होंने सात जन्मों तक एक-दूसरे का साथ देने के वादे किए और एक दूसरे को महादेव के सामने जयमाल भी पहनाई. अमेरिका के लॉस एंजिल्स में रहने वाले जेसन मात्जनर और उनकी पत्नी लॉरेन ने काशी के प्रसिद्ध गौरी केदारेश्वर मंदिर में भारतीय संस्कृति के अनुसार शादी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शादी की है. इस शादी की सारी व्यवस्थाएं पंडित अनुराग मिश्र और वाराणसी एक्सपीरियंस के संस्थापक कुणाल रक्षित ने सारी व्यवस्थाएं कीं.
जेसन पेशे से एक गिटारिस्ट हैं और भगवान गणेश के उपासक हैं. यूं तो अपने माता-पिता के साथ वो बहुत पहले भारत आ चुके थे. लेकिन काशी के धर्म दर्शन और आध्यात्म के साथ यहां की संगीत परम्परा ने काशी के प्रति उनका आकर्षण और बढ़ा दिया. जेसन मात्जनर ने कहा कि भारतीय संस्कृति उनके लिए एक रहस्य की तरह है जिसमें जितना गहराई से डूबा जाए उतना ही नया ज्ञान और अनुभव प्राप्त होता है.
चौथी बार भारत आए जेसन
जेसन अपने माता-पिता के साथ पहली बार भारत आए थे तभी से उनकी रुचि सनातन परंपराओं, भारतीय दर्शन और आध्यात्म में बढ़ती चली गई. अमेरिका में उनके पड़ोसी भी भारतीय मूल के थे. जिनसे उन्हें भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को और नजदीक से समझने का अवसर मिला. जेसन ने बताया कि वे चौथी बार भारत और दूसरी बार काशी आए हैं. काशी में आए सकारात्मक बदलाव और विकास को देखकर वे बेहद प्रसन्न हैं.
जेसन की पत्नी लॉरेन सेल्स एन्ड मार्केटिंग के काम से जुड़ी हैं और ख़ुद शिव भक्त हैं. लॉरेन ने भगवान शिव के नटराज स्वरूप का टैटू भी अपने हाथ पर बनवा रखा है. जो उनके शिव के साथ आध्यात्मिक लगाव को दर्शाता है.
शादी के बाद रुद्राभिषेक भी किया
बीते शनिवार को काशी के प्राचीन और पौराणिक गौरी केदारेश्वर मंदिर में विदेशी जोड़े ने शादी की सभी रस्मों को पूरा किया. मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच जेसन और लॉरेन का विवाह संपन्न कराया गया. मंदिर के पुजारी अनुराग मिश्र ने विधि-विधान से दोनों का पाणिग्रहण संस्कार कराया. जिसमें वरमाला, सप्तपदी और अग्नि के समक्ष संकल्प जैसे सभी पारंपरिक कर्मकांड शामिल रहे.
काशी में विवाह संपन्न होने के बाद इस दंपती ने विधिवत रुद्राभिषेक भी किया
















