कुकर्म व हत्या के दोषी को मृत्युदंड, 14 वर्ष बाद दूसरी फांसी*

G R News network editor in chief ved Parkash Srivastava
गाजीपुर। जिला एवं सत्र न्यायालय के विशेष न्यायालय पाक्सों न्यायाधीश रामअवतार प्रसाद की अदालत ने सोमवार को आठ वर्ष के बच्चे के साथ दुष्कर्म व जघन्य हत्या के मामले में दोषी अभियुक्त को दोषसिद्ध करते हुए मंगलवार को मृत्युदंड की सजा सुनायी। इस प्रकरण को बताते हुए विशेष लोक अभियोजक प्रभु नारायण सिंह ने बतााया कि विशेष न्यायालय पाक्सों ने 20 माह में मामले की सुनायी कर दोषी को सजा सुनायी है। करीब 14 वर्ष पूर्व दोहरे हत्याकांड में दोषी को न्यायालय ने फांसी की सजा सुनायी थी। अभियोजन के मुताबिक गहमर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 19 फरवरी 2024 की दोपहर तीन बजे संजय नट एक आठ वर्ष के बालक को बहला फुसला कर अपने घर ले गया। पहले उसके साथ कुकर्म किया। उसके बाद रस्सी से गलाघोंट कर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी संजय नट ने बालक के शव को जूट व प्लास्टिक के बोर में भरकर घर में रखे टीन के बक्सा में बंद कर छूपा दिया। परिजन जब बालक की तलाश करने लगे तो गांव एक बच्चें ने बताया कि संजय नट बालक को बहला फुसला कर अपने घर ले गया। सूचना पर पहुंची पुलिस संजय नट के घर पहुंची और बालक के शव को बरामद की। साथ आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार पुलिस 19 मई 2024 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। छह जून 2024 को न्यायालय ने आरोप सिद्ध किया। अभियोजन ने आठ गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। सभी ने अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने दोषी को धारा 302 आईपीसी व पाक्सो एक्ट में मृत्युदंड की सजा 14 वर्ष बाद सुनायी गयी। जनपद में इससे पूर्व सन 2011 में दोहरे हत्याकाण्ड में फांसी की सजा सुनायी गयी थी। इस फांसी की सजा की चर्चा कचहरी परिसर में दिनभर होती रही।
















