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हेड कांस्टेबल पर ब्याजखोरी और धोखाधड़ी का गंभीर आरोप, 8 के खिलाफ कोतवाली सैदपुर में मुकदमा दर्ज

GRNews Network editor in chief ved Parkash Srivastava

गाज़ीपुर प्रदेश में अभी तक पुलिस वालों के द्वारा अवैध वसूली करने के ही मामले आते थे, लेकिन अब पुलिसकर्मियों के द्वारा ब्याज पर पैसे देने का भी मामला सामने आया है. पुलिसकर्मी दंपति सहित आठ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है. दरअसल वाराणसी के ही रहने वाले एक व्यापारी ने 2020 में कांस्टेबल से 30 लाख रुपये 10% ब्याज पर लिए और उसे 2022 में ब्याज सहित चुकता भी कर दिया. हालांकि इस दौरान व्यापारी के द्वारा सिग्नेचर कर दिया हुआ चेक वापस नहीं लिया गया, जिस पर पुलिस दंपति ने अपने लोगों के नाम पर उस चेक पर 10 और 20 लाख रुपए की राशि भरकर चेंक बाउंस करवाया और फिर व्यापारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया था.

वसूली करने के ही मामले आते थे, लेकिन अब पुलिसकर्मियों के द्वारा ब्याज पर पैसे देने का भी मामला सामने आया है. पुलिसकर्मी दंपति सहित आठ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है. दरअसल वाराणसी के ही रहने वाले एक व्यापारी ने 2020 में कांस्टेबल से 30 लाख रुपये 10% ब्याज पर लिए और उसे 2022 में ब्याज सहित चुकता भी कर दिया. हालांकि इस दौरान व्यापारी के द्वारा सिग्नेचर कर दिया हुआ चेक वापस नहीं लिया गया, जिस पर पुलिस दंपति ने अपने लोगों के नाम पर उस चेक पर 10 और 20 लाख रुपए की राशि भरकर चेंक बाउंस करवाया और फिर व्यापारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया था
मामला सैदपुर थाना क्षेत्र के रवि गुप्ता का है, जो मौजूदा समय में नदेसर वाराणसी में रहते हैं. अक्टूबर 2020 कॉविड-19 के दौरान इनका व्यवसाय में नुकसान हो रहा था. तब आरोपी रणधीर सिंह के द्वारा इनके भाई रोशन गुप्ता को 30 लाख रुपए उनके व्यापारी खाते में ट्रांसफर किया और उसके बदले में चेक और स्टांप लिया था और इस पैसे के बदले रणवीर सिंह ने फरवरी 2022 तक पीड़ित परिवार से करीब एक करोड़ पहले ही वसूल चुका है. जिसका पूरा लेखा-जोखा उसकी स्वयं की लिखाई में भी मौजूद है. बावजूद उसके वह लगातार 2 करोड़ की और मांग करता रहा और धमकी दे रहा है कि चेक व स्टांप का दुरुपयोग का जाली दस्तावेज बनाएगा.
वहीं अब दिए गए पैसे और स्टाम्प के सापेक्ष भुगतान हो जाने के बावजूद आरोपी रणधीर सिंह जो हेड कांस्टेबल क्राइम ब्रांच सीआईडी कमिश्नरेट वाराणसी में कार्यरत है. उसके द्वारा रवि गुप्ता के द्वारा दिए गए चेक को बैंकों में 20 लाख व 10 लख रुपए का भर कर अपने लोगों के माध्यम से जमा कराया और वह चेक रवि के भाई प्रकाश गुप्ता के खाते का था, जो साल 2015 से ही बंद चल रहा है. रणधीर सिंह जो हेड कांस्टेबल है, उसने पद का दुरुपयोग करते हुए इनके मुनीम शिवकुमार जायसवाल के साथ मिली भगत कर पुराने चेक बुक प्राप्त किया और अपनी पत्नी रीना सिंह के साथ मिलकर उनकी मां सुशीला देवी के जाली हस्ताक्षर किए और षड्यंत्र के तहत जानते हुए भी खाता बंद है, उक्त चेक प्रस्तुत किया. बैंक ने स्पष्ट रूप से खाता बंद का मेमो जारी किया. इसके बाद रणधीर सिंह के इशारे पर रवि की मां के खिलाफ 420 और 406 के तहत फिर भी दर्ज कर दी गई.

वहीं अब इस पूरे मामले में आदित्य सिंह, चंद्रशेखर पांडे ,संतोष कुमार सिंह, विनय कुमार सिंह, रणधीर सिंह हेड कांस्टेबल ,रीना सिंह, देवेंद्र कुमार सिंह और शिवकुमार जायसवाल के खिलाफ 308 (2), 308(5), 316(2) ,316(5),319 (2), 318 (4), 338, 336 (3),340 (2 ),339, 229 ,3(5), 351 (3), 231 ,61 (2 )के तहत सैदपुर थाने में मुकदमाद दर्ज कराया गया है

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