
वाराणसी में महिला उत्पीड़न, बलात्कार की घटना के खिलाफ सर्वदलीय “प्रतिरोध मार्च”।*

*GR news network ** editor in chief Ved Prakash Srivastava
वाराणसी। दिनांक 22 अप्रैल, विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा वाराणसी में बढ़ती महिला हिंसा, बलात्कार व सामूहिक बलात्कार की घटनाओं के विरोध में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जन्म स्थली (अस्सी) से प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय गुरूधाम कालोनी तक विभिन्न नारो और पार्टियो को झंण्डो, तख्तियो के साथ प्रदर्शन करते हुए सैकडो कार्यकर्ताओ ने जनमानस और प्रशासन को गगनचुंबी आवाज में नारो ” स्याही सूख नहीं पाती है अखबारों की नई खबर आ जाती है बलात्कारों की, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ धोखा है देश बचाओ मौका है, कैसे रोका जाये बलात्कारो को यह सोचना होगा सत्ता में बैठी सरकारों को ” के साथ आकृष्ट कराते हुए प्रतिरोध मार्च निकाला।
कांग्रेस के राघवेंद्र चौबे ने कहा कि पिछले एक दशक से पूरे उत्तर प्रदेश में महिलाओ की स्थिति क्या है एनसीआरबी के आँकडे पर्याप्त है, वही वाराणसी में महिला हिंसा, बलात्कार और सामूहिक बलात्कार की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में आईटी छात्रा के साथ बलात्कार और उसके बाद इसी तरह की कई घटनाएं हुई हैं।अभी हाल ही में एक गरीब छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना सामने आई जिसने बनारस को शर्मशार कर दिया है। लगातार ऐसी बढ़ती घटनाओं में कई मामलों में भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं की संलिप्तता उजागर हुई है पुलिस प्रशासन ऐसी घटनाओं के प्रति संवेदनशील नहीं रहा है बल्कि लीपापोती किया है। बलात्कार आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। क्योंकि पुलिस प्रशासन के संरक्षण में वाराणसी में अवैध स्पा, हुक्का बार की बाढ़ आ गई है, यहां तमाम तरह की अवैध गतिविधियां चलती हैं जिसमें अवैध जिस्मफरोशी का धंधा भी होता है। इस प्रकार महिलाओं पर बढ़ती हिंसा और बलात्कार की घटनाओं के लिए सीधे तौर पर जिला/पुलिस प्रशासन-शासन जिम्मेदार है। उक्त मांगों के साथ प्रतिरोध मार्च गुरधाम चौराहे पर पहुँचा तो पुलिस बल के साथ हाथापाई- बल प्रयोग हुआ और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन लेने से मना कर दिया तो सर्वसम्मत से ज्ञापन को प्रधानमंत्री कार्यालय के होर्डिंग के चस्पा और एक प्रति फाड़ कर फेंक दिया गया व एक प्रति स्पीड पोस्ट द्वारा नई दिल्ली पीएमओ कार्यालय पर प्रेषित कर अविलंब कार्यवाही की मांग की गई।
उन्होंने कहा कि हमारी सर्वदलीय मांग है, किसी शोषण, बलात्कार की कोई घटना जिले में कहीं हो उस पर पीड़िता और उसके परिजनों की तत्काल मदद इसकी प्राथमिकी ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम (मोबाइल,व्हाटसाप) से सूचना मिलने पर दर्ज हो तथा तमाम अवैध स्पा और हुक्का बार की जांच कर उनके खिलाफ एक हफ्ते में बिना किसी भेदभाव की कार्रवाई की जाए, नहीं तो विपक्षी दल एक टास्क फोर्स बनाकर छापा मारकर कानूनी ठंग से बंद करायेगें।
प्रदर्शन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, सीपीएम, सीपीआई (माले) राष्ट्रीय जनता दल, सामाजिक इंसाफ मोर्चा तथा कई सामाजिक संगठन के नेताओ में प्रमुख रूप से डॉ हीरालाल, अरविन्द सिंह पूर्वएमएलसी, राजेश्वर पटेल, राघवेन्द्र चौबे, संजीव सिंह, रीबू श्रीवास्तव, फ़साहत हुसेन बाबू, डॉ राजेश गुप्ता, अरुण सोनी, सतनाम सिंह, राजीव राम, विनोद सिंह कल्लू, ऋषभ पाण्डेय, विजय शंकर मेहता, अनुराधा यादव, पूनम विश्वकर्मा,क्षसुरेन्द्र यादव मिठाई लाल, कुवंर सुरेश सिंह, मनीष मोरोलिया, नन्दलाल पटेल, मुबीन, अनिल सिंह, ओम प्रकाश ओझा, अशोक सिंह, हसन मेहदी कब्बन, शमसाद खां, संतोष मौर्य, हाजी इस्लाम, कुँवर यादव समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।








