
*बीएचयू छात्रनेता पुनीत सिंह ने अर्चिता सिंह का किया समर्थन।*

*GR News network editor in chief Ved Prakash Srivastava
वाराणसी। दिनांक 19 अप्रैल, बीएचयू के छात्रनेता पुनीत सिंह एवं प्रभाकर सिंह ने विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में अभ्यर्थी अर्चिता सिंह के साथ हो रहे अन्याय को लेकर शुक्रवार को एक बयान जारी किया।
उन्होंने ने कहा कि छात्रा अर्चिता सिंह जो कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आती हैं और उन्होंने विश्वविद्यालय की सभी नियम-शर्तों तथा समयावधि का पालन करते हुए सभी दस्तावेज़ जमा कर दिया गया था। इडब्लूएस प्रमाणपत्र के अस्थायी अभाव में उन्होंने विभाग द्वारा उपलब्ध करवाया गया अंडरटेकिंग फार्म प्रस्तुत किया, जिसे वर्षों से विश्वविद्यालय द्वारा स्वीकारा जाता रहा है। नियत तिथि 31 मार्च 2025 से पूर्व, उन्होंने वैध इडब्लूएस प्रमाणपत्र विभाग को ईमेल और हार्डकॉपी के माध्यम से सौंप भी दिया।
पुनीत सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा उनके प्रवेश को काउंसलिंग में इडब्लूएस श्रेणी के तहत प्रतीक्षा सूची में पहले स्थान पर होने के कारण उनका प्रवेश तय था, लेकिन एक राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले छात्र द्वारा जानबूझ कर प्रक्रिया पर आपत्ति जताने और दबाव डालने के बाद विश्वविद्यालय ने प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगा दी। हम विश्वविद्यालय के सभी छात्र संगठनों, महिला अधिकार समूहों और न्यायप्रिय नागरिकों से अपील करते हैं कि वे अर्पिता सिंह को न्याय के लिए आवाज़ बुलंद करें

















