
*लोगो को एक बार पुनः मायूसी हाथ लगी* ….*पुलिस प्रशासन के इस क्रूर रवैया के कारण लोगों में आक्रोश….*

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एडिटर इनचीफ वेद प्रकाश श्रीवास्तव
सेवराई। भदौरा रेलवे स्टेशन पर पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार आज होने वाला धरना प्रदर्शन नेतृत्व कर्ता राकेश सिंह पिंटू के गिरफ्तारी के साथ ही स्थगित हो गया। लोगो को एक बार पुनः मायूसी हाथ लगी है। पुलिस प्रशासन के इस क्रूर रवैया के कारण लोगों में आक्रोश बना हुआ है।
गौरतलब हो कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय दानापुर रेलखंड के भदौरा रेलवे स्टेशन पर कोरोना कल के दौरान रुक रही विभिन्न ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर आज धरना प्रदर्शन व चक्का जाम प्रस्तावित था। नेतृत्वकर्ता राकेश सिंह पिंटू के द्वारा डीआरएम एवं अन्य उच्च अधिकारियों को अपनी ट्रेन ठहराव की मांग को लेकर 24 जुलाई तक अल्टीमेटम दिया गया था। उन्होंने अपने पत्रक में बताया कि अगर 24 जुलाई तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती है तो हमारे द्वारा 25 जुलाई को धरना प्रदर्शन एवं चक्का जाम किया जाएगा। चक्का जाम की सूचना पर पुलिस देर रात से ही राकेश सिंह पिंटू को उनके आवास पर नजर बंद किए हुए थी। इस बीच गुरुवार को तय समय पर राकेश सिंह पिंटू चकमा देकर रेलवे स्टेशन भदौरा पहुंच गए पहले से ही मौजूद सैकड़ो की संख्या में पुलिसकर्मियों के द्वारा उन्हें हिरासत में लेते हुए अन्य लोगों को खदेड़ दिया गया। जिसे प्रस्तावित चक्का जाम वही स्थगित हो गया। वही ग्रामीणों ने बताया कि रेलवे प्रशासन भदौरा रेलवे स्टेशन के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। कोरोना काल के दौरान रुक रही पटना कोटा एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस एवं पंजाब मेल ट्रेन के मांग लगातार की जा रही है। बावजूद इसके कोरोना काल बीतने के सालों बाद भी आज तक भदौरा को उसकी पुरानी ट्रेने नहीं लौटाई गई।








