
*पूर्वांचल की हॉट सीट बनी गाजीपुर, भाजपा व सपा गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर *

G R News *एडिटर इन चीफ वेद प्रकाश श्रीवास्तव
गाजीपुर लोकसभा 2024 का चुनाव इस बार कई मायने में अहम है।एक ओर बीजेपी विकास के बूते लोकसभा फतह करने के लिए उतरी है।तो दूसरी ओर सपा प्रत्याशी अफजाल अंसारी मुस्लिम यादव समीकरण व गठबंधन के भरोसे भाजपा को टक्कर देने में जुटे है।दोनों दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं के अपने अपने तर्क मतदाताओं के बीच है।यूं कह लीजिए यहां की सीट भाजपा व सपा के के लिए नाक का सवाल बनी हुई है।संगठन के शीर्ष नेताओं ने यहां डेरा भी डाल दिया है।यहां एक जून को मतदान होना है। 29 लाख 33 हजार 672 मतदाता गाजीपुर लोकसभा के तकदीर और तस्वीर तय करेंगे कि यहां का संसद कौन होंगा।
चुनाव के पीछे की पृष्ठभूमि पर निगाह डालें तो अब तक पांच बार क्षत्रिय जाति के विश्वनाथ सिंह गहमरी, हरिप्रसाद सिंह दो बार राधे मोहन सिंह एवं ओम प्रकाश सिंह तो चार बार भूमिहार बिरादरी जिसमें मनोज सिन्हा तीन बार गौरीशंकर राय एकबारऔर चार बार मुस्लिम समुदाय को भी यहां का प्रतिनिधित्व मिला है।जिसमे दो बार जैनुल वशर और दो बार अफजाल अंसारी वही एक बार ब्राह्मण सरयू पांडेय व एक बार कुशवाहा समाज से जगदीश सिंह कुशवाहा व एक बार यादव विश्वनाथ शास्त्री सांसद भी चुने गए है।गाजीपुर वैसे तो यादव, मुसलमान ,और हरिजन मतदाताओं का बाहुल्य क्षेत्र है इसके अतिरिक्त बनिया, भूमिहार ,कुशवाहा, राजपूत ,ब्राह्मण ,राजभर, बिन्द, कोहार, एवं अन्य जातिओ के मतदाता हमेशा निर्णायक भूमिका में रहे हैं लोकसभा 2024 के चुनाव में प्रमुख रूप से भारतीय जनता पार्टी के पारस नाथ राय व इंडिया गठबंधन सपा के अफजाल अंसारी मैदान में है।चर्चा है कि मुख्य लड़ाई भाजपा और इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार अफजाल अंसारी के मध्य है ।हालांकि राजनीतिक पंडितों का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी के दोनों हाथ में लड्डू है यदि पारसनाथ राय जीतते हैं तो ठीक है यदि नहीं जीतते हैं तो भी न्यायालय के फैसले के बाद सीट खाली तय होनी मानी जा रही है।और बाई इलेक्शन में भारतीय जनता पार्टी अपने उम्मीदवार को फिर जीता पाएगी हालांकि दूसरी तरफ नजर डालें तो अफजाल अंसारी की पुत्री नुसरत भी निर्दल उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं यदि मतदान से पूर्व न्यायालय का कुछ इस तरह का फैसला आता है तो समझा जा रहा है की मुख्य लड़ाई भाजपा के पारसनाथ राय और निर्दल उम्मीदवार नुसरत के बीच होगी ।इस बदले परिवेश में यदि नुसरत चुनाव जीतती है तो यह गाजीपुर की पहली महिला सांसद होगी अब तो मात्र एक सप्ताह ही बचे हैं । यादव मुस्लिम बाहुल्य वाले इस लोकसभा क्षेत्र गाजीपुर होने के कारण अफजाल मतो का अच्छा बैलेंस लेकर चल रहे हैं ।दूसरी तरफ राजपूत, भूमिहार, कुशवाहा ,राजभर ,हरिजन इन जातियों में मत का बिखराव होना माना जा रहा है। क्योंकि इंडिया एलाइंस के कैंडिडेट के नाते और व्यक्तिगत संबंधों के नाते गाजीपुर के हर बिरादरी में एक अच्छी पकड़ अफजाल अंसारी की है दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के अंतर विरोध में राजपूत भूमिहार की आपसी जिले में वर्चस्व की लड़ाई भी मायने रखती है अब देखना है कि गाजीपुर के संसद के रूप में यहां के मतदाता किसे चुनते हैं।
















