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*सहारा जन कल्याण के नाम से फर्जी मानसिक हॉस्पिटल इलाज के दौरान एक रोगी की मौत जमानिया के मदनपुरा में 10 वर्ष से चल रहा था मानसिक चिकित्सालय, संचालक पिता और पुत्र पर मुकदमा कायम भेजे गए जेल* एडिटर इन चीफ वेद प्रकाश श्रीवास्तव

G R NEWS एडिटर इन चीफ वेद प्रकाश श्रीवास्तव

“गाजीपुर के जमानिया में सहारा जन कल्याण नाम से एक मेंटल हॉस्पिटल चल रह है जो अचानक चर्चा में आया है. इस मेंटल हॉस्पिटल में एक शख्स की इलाज के दौरान मौत हो गई है जिसकी वजह से पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है. जब स्वास्थ्य विभाग ने हॉस्पिटल का निरीक्षण किया तो कई राज सामने आए. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह हॉस्पिटल अवैध रूप से संचालित हो रहा है. यहां पर बेड़ियों में जकड़े 6 मरीज भी पाए गए जिन्हे स्वास्थ्य विभाग ने उनके परिजनों के हवाले किया है. इस कार्रवाई के करीब तीन दिन हो जाने के बाद अभी तक हॉस्पिटल को सीज नहीं किया गया है.
जमानिया के मदनपुरा गांव में चल रहे फर्जी हॉस्पिटल में करीब 10 साल से मानसिक रोगियों का इलाज किया जा रहा है. हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में नहीं कराया गया था. बताया जा रहा है कि हॉस्पिटल चिटफंड सोसाइटी के द्वारा रजिस्टर्ड की गई थी. इसे अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था. पोल उस वक्त खुली जब बिहार के रहने वाले एक मरीज विकास की हॉस्पिटल संचालक पिता पुत्र के द्वारा इलाज किए जाने के दौरान मौत हो गई. मृतक के परिजनों की तहरीर पर संचालक पिता और पुत्र पर 302 का मुकदमा कर उसे जेल भेज दिया गया था.
3 दिन बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के द्वारा उस मानसिक हॉस्पिटल पर किसी भी तरह की कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की गई है. बताया जा रहा है कि चिकित्सा अधीक्षक जमानिया डॉ रवि रंजन की तहरीर पर धारा 420 और इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 की धारा 15 (3) के तहत 1 मई को रात लगभग 8:00 बजे के आसपास मुकदमा दर्ज किया गया. जिसमें विजय नारायण पाठक के साथ ही संस्थापक का नाम और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है.”एकतरफ जहां मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की गई है, लेकिन हॉस्पिटल को सीज नहीं किया गया है. इसके संबंध में जब जमानिया चिकित्सा अधीक्षक डॉ रवि रंजन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल पर कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है. वहीं विभागीय कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को भेजा जा चुका है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से जिला अधिकारी को पत्र भेजकर कार्रवाई करने की अनुमति मांगी जाएगी. अनुमति मिल जाने पर एसडीएम जमानिया की देखरेख में हॉस्पिटल सीज करने की कार्रवाई की जाएगी.”

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