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*सुप्रीम कोर्ट के बाबा रामदेव के माफीनामा को किया खारिज ,अगली सुनवाई 16 अप्रैल को*

G R News एडिटर इन चीफ वेद प्रकाश श्रीवास्तव
लखनऊ,। भ्रामक विज्ञापन व अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज पतंजलि के कर्ता धर्ता रामदेव और कंपनी के एमडी बालकृष्ण के माफीनामे को खारिज करते हुए कहा है कि आपने जानबूझकर हमारे आदेश की अवमानना की, कार्रवाई के लिए तैयार रहें। इस मामले में पतंजलि आयुर्वेद के भ्रामक विज्ञापन के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने याचिका दायर की है। नवसत्ता ने कल ही इस मामले में खबर दी थी कि रामदेव को सजा हो सकती है। इस मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने आज पतंजलि के विवादित विज्ञापन केस में रामदेव और बालकृष्ण के दूसरे माफीनामे को भी खारिज कर दिया। जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अमानतुल्लाह की बेंच ने पतंजलि के वकील से कहा कि उन्होंने जानबूझकर कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है, कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

जस्टिस अमानुल्लाह ने कहा कि आप हलफनामे में धोखाधड़ी कर रहे हैं, इसको किसने तैयार किया है? मुझे तो आश्चर्य है. जस्टि कोहली ने कहा कि वैसे भी हम इस पर फैसला करेंगे, हम इसको जानबूझकर कोर्ट के आदेश की अवहेलना मान रहे हैं. इस हलफनामे को ठुकराते हैं, ये सिर्फ एक कागज का टुकड़ा है. हम अंधे नहीं हैं, हमें सब दिखता है।

इस पर सोलिसिटर जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि लोगों से गलतियां हो जाती हैं तो सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गलती होती है तो सजा भी मिलती है. उन्हें भुगतना भी पड़ता है, उन्हें तकलीफ भी उठानी पड़ती है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ड्रग्स लाइसेंसिंग अधिकारियों को अभी सस्पेंड किया जाए. ये लोग दबदबा बनाते हैं और इसे स्वीकार भी कर लिया जाता है. अदालत का मखौल बनाया जा रहा है. इनका कहना है कि विज्ञापन का उद्देश्य लोगों को आयुर्वेदिक दवाओं से जोड़े रखना है,
मानो दुनिया में आयुर्वेदिक दवाई लाने वाले पहले शख्स होइससे पहले, 2 अप्रैल को इसी बेंच में हुई सुनवाई के दौरान पंतजलि की तरफ से माफीनामा दिया गया था, जिसे कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि ये माफीनामा सिर्फ खानापूर्ति के लिए है, और आपके अंदर माफी का भाव नहीं दिख रहा है। 9 अप्रैल को रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद के मैनेजिंग डायरेक्टर बालकृष्ण ने नया एफिडेविट फाइल किया, जिसमें पतंजलि ने बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा कि इस गलती पर उन्हें खेद है, और ऐसा दोबारा नहीं होगा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पतंजलि के खिलाफ याचिका लगाई है, जिसमें कहा गया है कि पतंजलि ने कोविड वैक्सीनेशन और एलोपैथी के खिलाफ निगेटिव प्रचार किया। वहीं, खुद की आयुर्वेदिक दवाओं से कुछ बीमारियों के इलाज का झूठा दावा किया गया

 

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