
**सामाजिक संस्था जामवंत से लेकर हनुमानजी के तत्वावधान में जिला पत्रकार समिति के हाल में काव्य गोष्ठी सम्पन्न**

GR news network एडिटर इन चीफ वेद प्रकाश श्रीवास्तव
गाज़ीपुर। सिद्धेश्वर नगर स्थित जिला पत्रकार समिति हॉल में राष्ट्रीय मिशन साहित्यिक व सामाजिक संस्था जामवंत से लेकर हनुमान जी की ओर से कवि गोष्ठी का आयोजन पीजी कॉलेज के पूर्व अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ श्रीकांत पांडे की अध्यक्षता तथा हास्य कवि व व्यंग्यकार विजय कुमार मधुरेश के संचालन में संपन्न हुआ । कार्यक्रम का शुभारंभ कवि कामेश्वर द्विवेदी के वाणी वंदना से हुआ। कवि दिनेश चंद्र शर्मा ने इस रचना पर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी– मानव मृगतृष्णा में भटकता रहा– एक ही भूल जीवन में बार बार करता रहा। संचालन करते हुए व्यंग्कार कवि विजय कुमार मधुरेश ने नेताओं पर व्यंग्य करके श्रोताओं की तालियां बटोरी। एक कोठरी बनवाने में कमर टूट गई घुरहू की– मंत्री जी तो एक साल में दो कोठी बनवाते हैं। हरिशंकर पाण्डेय ने बहनों की व्यथा के संदर्भ में गीत प्रस्तुत करके लोगो को सोचने के लिए विवश किया। राखी पर अब मांग रही है भारत की हर बहना – बड़े आदमी मत बनना पर भले आदमी बनना डा० विजय नारायण तिवारी के इस हास्य कविता पर श्रोताओं ने खूब ठहाका लगाया। लाला मरि गइले लईनिया में कट के । वरिष्ठ कवि कामेश्वर द्विवेदी ने कविता प्रस्तुत करके श्रोताओं को तालिया बजाने को विवश किया। चांद सूरज गगन के यही कह रहे ,गंगा सरजू के तट है यही कह रहे। सिंधु की उर्मियो ने देखा यही । डा० धर्मदेव यादव धर्मेश ने सत्य और अहिंसा के संदर्भ में यह कविता प्रस्तुत करके कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान किया। हम हिंसा में विश्वास न करके शांति चाहते है– हथियार उठाए बिना सत्य की क्रांति चाहते है। मौके पर अनिल सिंह अनिलाभ , कृष्णानंद गोपाल , संजय पांडे, रविशंकर सिंह औषधि पंडित मौजूद रहे। अध्यक्षता प्रो० श्रीकांत पांडे व संचालन प्रख्यात हास्य कवि व्यंग्यकार विजय कुमार मधुरेश ने किया। अंत में राष्ट्रीय मिशन जामवंत से हनुमान जी के राष्ट्रीय संयोजक सूर्य कुमार सिंह ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
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