
*गाज़ीपुर सेवराई मोहम्मदाबाद सैदपुर जमानिया के उपजिलाधिकारी द्वारा बाढ़ प्रभावित गांवों को स्थलीय निरीक्षण*

*GRNews Network Brodcast center* editor in chief ved Parkash Srivastava
गाजीपुर 03 अगस्त, 2025 (सू0वि0) – जिलाधिकारी अविनाश कुमार के निर्देश के क्रम में जनपद में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सदर, सेवराvई, मोहम्मदाबाद, सैदपुर एवं जमानियॉ क्षेत्र के उपजिलाधिकारी द्वारा गॉव प्रभावित गॉवों का निरंतर स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी मु0बाद द्वारा गॉव सेमरा से प्रभावित गॉवों का निरीक्षण किया जिसमें बनाये गये बाढ़ चौकी प्राथमिक विद्यालय सेमरा प्रथम में 10 परिवारों को सुरक्षित पुर्नवासित किया गया।
जिस क्रम में व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए बाढ़ से गॉव प्रभावित क्षेत्रो का पैदल/नाव द्वारा निरीक्षण करते हुए गॉव के आने जाने वाले रास्तो, ग्रामीणो एवं पशुओ की सुरक्षा पुख्ता इंतेजाम, चारा, पानी, दवाईयो, आदि की जानकारी ली तथा सम्बन्धित मातहतों को आवश्यक निर्देश दिये। उन्हाने बताया कि समस्त बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो में 160 बाढ़ चौकी सक्रीय है जिसमें 44 बाढ़ शरणालयों बनाये गये है जिसमें सैदपुर तहसील में 30 नावो ,जमानियॉ में 80 नाव, सेवराई में 61 नाव, मोहम्मदाबाद में 30 नाव, सदर में 132 नाव एवं कासिमबाद में कुल 07 नावे स्थापित किये गये है। कंट्रोल रूम नम्बर-05482224041, 9454417103 पर तत्काल सूचना दे सकते है। उन्होने ने अपील किया कि बाढ़ से प्रभावित गॉवो के बच्चो को पानी में न जाने दिया जाय तथा किसी प्रकार की समस्या हो तो बनाये गये व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सीधे संपर्क कर अपनी समस्याओं को अवगत करा सकते है।
मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी ने जनपद में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बताया कि 07 बाढ़ राहत केन्द्र बनाये गये है जिसमें 40 नॉवों की व्यवस्था लगातार गॉवों के किनारे भ्रमण लगातार सुरक्षा हेतु की जा रही है। जिसमें सब्बलपुर कला में बढ़ते जल स्तर को देखते हुए सभी पशुओं एवं व्यक्तिों को पूर्व से ही सुरक्षित स्थानों पर पहुचा दिया गया है। बढ़ते जल स्तर से जानवरों एवं लोगो को सुरक्षति रखने हेतु शरणालय पूरी तरह से तैयार है। सभी तहसीलो में बाढ़ से प्रभावित व्यक्तियों एवं जानवरों को सुरक्षित स्थानो पर रखने हेतु तैयारियॉ पूरी की जा चुकी है। सम्भावित प्रभावित आबादी, परिवार की सूची, प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की सूचना एकत्रित की जा चुकी है। सभावित फसल हानि का भी चिन्हित किया जा चुका है ताकि सूचनाओं का सत्यापन के उपरान्त तत्काल सहायता वितरण में विलम्ब न हो।
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