श्रेष्ठ कवि सम्मान से अलंकृत हुए कवि व मंच संचालक–डॉ० तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु*

संवाददाता GR news.अंबेडकर नगर 29 मार्च।भला इतनी इंसानियत कहां से आ गई तुझ में । लगता है रामायण और गीता पढ़ ली तुमने ।। चर्चित कवि व मंच संचालक तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु का यह शेर आम आदमी को साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से इंसानियत की तरफ प्रेरित कर रहा है । जी हां हम बात कर रहे हैं अंबेडकर नगर के शिक्षक कवि व कुशल मंच संचालक डॉ० तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु की जिनके द्वारा निरंतर साहित्यिक गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण हो रहा है । ऑनलाइन हो या ऑफलाइन हर एक साहित्यिक कार्यक्रम में जिज्ञासु की सक्रियता नज़र आती है । यूं तो जिज्ञासु पेशे से शिक्षक हैं मगर शैक्षिक गतिविधियों के साथ-साथ अपनी साहित्यिक शौक को अंजाम देने का अवसर अवकाश के दिनों में पूरा कर लेते हैं । जिज्ञासु की शैक्षिक उपलब्धियों के साथ-साथ साहित्यिक रचनात्मक उपलब्धियों में लगभग दर्जनों व्यक्तिगत एवं साझा काव्य संग्रह शामिल हैं । काव्य पाठ के साथ-साथ संचालन का बेहतर किरदार निभाना जिज्ञासु के हर कवि सम्मेलन का स्वर्णिम अवसर होता है । नतीजा यह है कि आए दिन जिज्ञासु के खाते में पुरस्कार एवं सम्मानों की एक श्रृंखला होती है । तमाम प्रतिष्ठित सामाजिक एवं साहित्यिक मंचों के द्वारा जिज्ञासु को अनेक सम्मान मिल चुके हैं । हाल ही में गूगल मीट पर आयोजित ऑनलाइन कवि सम्मेलन में उत्कृष्ट काव्य सृजन एवं संचालन हेतु डॉक्टर तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु को श्रेष्ठ कवि सम्मान का दर्जा दिया गया है । जिज्ञासु के सम्मान प्राप्ति पर सोशल मीडिया पर शिक्षकों , कवियों , साहित्यकारों एवं समाजसेवियों द्वारा लगातार बधाई एवं शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है ।






