माड़ा थाना क्षेत्र में नशा मुक्ति अभियान बना मज़ाक, गली-गली बिक रही शराब* *टीआई शिवपूजन मिश्रा बेखबर, पुलिस प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल*

GRNews Network Brodcast centre editor in chief ved Parkash Srivastava
सिंगरौली। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार प्रदेशव्यापी नशा मुक्ति अभियान चलाकर प्रदेशभर में लोगों को नशे की आदत से बाहर निकालने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर सिंगरौली जिले के माड़ा थाना क्षेत्र में यह अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। स्थानीय लोगों की मानें तो क्षेत्र में शराब माफिया बेलगाम हो चुके हैं और हर गली-मोहल्ले में खुलेआम शराब की बिक्री जारी है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि युवाओं के साथ-साथ स्कूली छात्र,महिलाएं भी इस जाल में फंसती जा रही हैं, जिससे सामाजिक ताना-बाना बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोगों का आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से अवैध शराब कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।विरोध करने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हैं। ऐसे में बेचारे ग्रामीण अपनी व्यथा किसे सुनाए उन्हें समझ नहीं आ रहा है।
*जिम्मेदार अधिकारी बने मूकदर्शक*
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि जब से शिवपूजन मिश्रा ने माड़ा थाना प्रभारी का पदभार संभाला है, तब से क्षेत्र में नशे के कारोबार में और अधिक वृद्धि हुई है। अवैध कारोबारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे दिन-दहाड़े शराब की बिक्री कर रहे हैं, और पुलिस केवल औपचारिक कार्रवाई कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देती है। टीआई की निष्क्रियता और लापरवाह कार्यप्रणाली को लेकर आम जनता में भारी आक्रोश है। लोग लगातार उनकी शिकायतें कर रहे हैं और उन्हें तत्काल हटाने की मांग कर रहे हैं।







