
साइबर फ्रॉड के करोड़ो रूपयो का धोखाधड़ी करने वाले 03 अन्तर्राजीय साइबर अपराधी गिरफ्तार, बैंक पासबुक ,एटीएम कार्ड , सिम कार्ड व मोबाईल फोन बरामद

*GRNews Network Brodcast center editor in chief Ved prakash Srivastava
* गाजीपुर ।अपराध एवं अपराधियो के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना साइबर क्राइम पर आवेदक मनीष कुशवाहा द्वारा पंजीकृत कराये गये * नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार करने हेतु टीम का गठन कर आवश्यक दिशा निर्देशित किया गया था। पुलिस अधीक्षक महोदय गाजीपुर के निर्देशन तथा श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक नगर (साइबर नोडल) व श्रीमान पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध) के कुशल पर्यवेक्षण में त्वरित कार्यवाही करते हुए सर्विलांस के माध्यम से तथा विवेचनात्मक कार्यवाही तथा गहनता से साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए लंका मैदान के सामने फुल्लनपुर तिराहा गाजीपुर से *03 नफर अभियुक्तों* को दिनांक 03.04.2026 को गिरफ्तार किया गया । जिनके विरूद्ध नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है ।
* *अपराध करने का तरीका(M.O.D)* – विभिन्न राज्यों के खाता धारकों को लालच देकर तथा बहला-फुसलाकर साइबर अपराधियों द्वारा उनके नाम से म्यूल (फर्जी) खाता खुलवाकर उनके खातों में साइबर अपराध (ट्रेडिंग ,गेमिंग व अन्य) से अर्जित धनराशि को मंगाया जाता है। साइबर अपराध करने वाले अपराधियो का काम अलग – अलग होता है । पहले इन लोगो द्वारा किसी ऐसे व्यक्ति से दोस्ती करते है जिसको कुछ पैसों की आवश्यकता होती है। उसके बाद उस व्यक्ति को बहला – फुसलाकर कुछ पैसो का लालच दिया जाता है। फिर इन लोगो द्वारा जिस व्यक्ति का खाता खुलवाना होता है उसका आधार कार्ड व पैन कार्ड व फोटो ले लेते है, फिर करेन्ट एकाउन्ट खोलने के लिए MSME (उद्योग) प्रमाण पत्र बनवाते है तथा GST न0 रजिस्टर्ड कराने के पश्चात बैंक में खाता खोलते है। तत्पश्चात इनके सिंडिकेट / गैंग में कार्य कर रहे अपराधियो द्वारा टेलीग्राम के माध्यम से खोले गये बैंक खातो का सभी जानकारी जैसे इन्टरनेट बैंकिंग का यूजर आईडी व पासवर्ड तथा बैंक में रजिस्टर्ड मेल आईडी व रजि0 मो0नं0 भेज दिया जाता है । इसके बाद टेलीग्राम के माध्यम से ही एपीके फाइल (CROWN SMS, WPAY DS, 2.3.2.4, व अन्य) भेजकर इन्स्टाल कराया जाता है जिससे की रजिस्टर्ड मो0न0 पर प्राप्त सभी प्रकार के ओटीपी व अन्य मैसेज सिंडिकेट / गैंग को स्वतः प्राप्त हो जाता है । टेलीग्राम पर संचालित (Crown Pay) कम्पनी तथा इनके साथ जुड़े साइबर अपराधियो द्वारा जरिये क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेफार्म जैसे Binance , KU-coin व अन्य प्लेटफार्म के जरिये पैसो का लेन देने किया जाता है। इसी प्रकार बेचे गये खाता में प्राप्त पैसो का कमिशन इनके द्वारा क्रिप्टो(USDT) में ही लिया जाता है। इस प्रकार के अपराध करने वाले प्रत्येक साइबर अपराधियो का क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफार्म पर आईडी होती है।
* गिरफ्तारशुदा साइबर अपराधियो का बरामद मोबाइल चेक किया गया तो देश के विभिन्न प्रदेश में लगभग 75 से अधिक एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज होना पाया गया तथा इन कम्पलेन में लगभग 67 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का कम्पलेन रजिस्टर्ड होना पाया गया। पूछताछ के दौरान इनके द्वारा बताया गया कि इनके पास 700 से अधिक म्यूल खाता का होना बताया गया तथा अभियुक्त सचिन सिंह द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा साइबर अपराध से अर्जित लगभग 2.50 करोड़ रूपये अपने दिये गये म्यूल खातो से प्राप्त किया गया है तथा अभियुक्त रोहन द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा साइबर अपराध से अर्जित लगभग 1.75 करोड़ रूपये अपने दिये गये म्यूल खातो से प्राप्त किया गया है। अपराध में दो दर्जन के करीब म्यूल खाता का उपयोग कर साइबर अपराध से अर्जित धनराशि मंगाया गया है। सभी कम्पलेनो का गहना से विश्लेषण कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है
*पुलिस टीम के सदस्य का विवरणः-*
1. प्र0 नि0 मो0 रहमतुल्लाह खान (साइबर थाना)
2. नि0 सुरेश कुमार यादव (साइबर थाना)
3. उ0नि0 रोहित मिश्र(स्वाट प्र0)
4. उ0नि0 सुमित बालियान(सर्विलांस प्र0)
5. उ0नि0 विवेक कुमार पाठक (साइबर सेल प्र0)
6. हे0का0 रविकान्त जायसवाल (साइबर थाना)
7. हे0का0 राजकुमार (साइबर थाना)
8. का0 महेन्द्र यादव (साइबर थाना)
9. का0 शिवम सिंह (साइबर सेल)
10.का0 निर्भय सिंह(सर्विलांस सेल
*नोटः-* किसी भी प्रकार के आर्थिक अपराध होने पर तत्काल साइबर हेल्प लाइन 1930 पर कॉल कर विवरण नोट कराये तथा www.cybervrime.gov.in पर कम्पलेन दर्ज कराये।
*1. साइबर क्राइम थाना जनपद गाजीपुर मो0न0- 7839864020*
*2.* साइबर सेल जनपद गाजीपुर मो0न0- 7307022900
*मीडिया सेल*
*जनपद गाजीपुर*
















