जिला संहकारी बैंक एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को सौपा ज्ञापन*

GRNews Network Brodcast centre editor in chief Ved prakash Srivastava
गाजीपुर। भारतीय मजदूर संघ के तत्वाधान में जिला सहकारी बैंकों एवं कर्मचारियों की दीर्घकाल से लम्बित मॉगो व समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौपा गया। भारतीय मजदूर ंसघ के जिलाध्यक्ष दीपक राय व जिला सहकारी बैक के महामंत्री रानू अग्रवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि सहकारिता राज्यमन्त्री उत्तर प्रदेश के निर्देशो के अन्तर्गत गठित कमेटी के निर्णयों का कार्यान्यवयन न होने के कारण प्रदेश ब्यापी आन्दोलन की चेतावनी मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को दी। अपने मांगो को लेकर ज्ञापन मुख्यमंत्री को डाक के माध्यम से प्रेषित किया। जिला सहकारी बैंकों एवं उनके कर्मचारियों की दीर्घकाल से लम्बित मांगो व समस्याओं के सम्बन्ध में यूनियन ने समस्त स्तरों पर ठोस प्रमाणो सहित पक्ष प्रस्तुत किया गया है। इस कम में सहकारिता राज्यमन्त्री उत्तर प्रदेश को सम्बोधित यूनियन के केन्द्रीय कार्यालय के ज्ञापन के परिपेक्ष्य में सहकारिता राज्यमन्त्री स्वतन्त्र प्रभार उत्तर प्रदेश के निर्देशो के क्रम में प्रबन्ध निदेशक उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड ने माध्यम से मुख्य महाप्रबन्धक उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड, लखनऊ की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था, जिसमें यूनियन के दो प्रतिनिधियों को भी विशेष आमन्त्रित सदस्य के रूप में नामित किया गया। कमेटी के अन्तिम निर्णय के पश्चात पुनः प्रबन्ध निदेशक उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड ने मुख्य महाप्रबन्धक उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिए लखनऊ की अध्यक्षता में कमेटी का पुर्नगठन कर कमेटी में आंशिक संशोधन किया गया है, जिसमें भी यूनियन के दो प्रतिनिधियों का भी विशेष आमन्त्रित सदस्य के रूप में नामित किया है। इससे पूर्व यूनियन कं प्रतिनिधिमण्डल की 29 जुलाई 2025 को सहकारिता राज्यमन्त्री स्वतन्त्र प्रभार से वार्ता हुई थी। वार्ता में सहमति के बिन्दुओं के दृष्टिगत कमेटी की प्रबन्ध निदेशक उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड के द्वारा संशोधित कमेटी की अन्तिम बैठक 3 दिसम्बर 25 को सम्पन्न हुई। सर्वसम्मति से निम्न निर्णय लिये गये कि वेतनमान पुनरीक्षणं व अव्याहारिक वित्तीय मानकों को नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ के वित्तीय मानकों व्यवहारिक, एकरूपता व सरल बनाने हेतु स्टाफ कॉस्ट जाय, कार्यशील पूंजी का 2 प्रतिशत व सकल आप का 22.5 प्रतिशत करने के सशोधन करने का निर्णय लिया गया। नये बैंकिगं लाईसेन्स प्राप्त कई बैंकों के कर्मचारियों को 20-30 वर्षों से वेतनमान पुनरीक्षण से वचिंत रखा जा रहा है अतः इन कर्मचारियों को अन्तरिम राहत प्रदान करने हेतु निबन्धक कार्यालय में प्रभावी वेतनमान पुनरीक्षण परिपत्रांक सी-45/अधि०-8/ वेतनमान पुनरीक्षण वेतनमान प्रदान कर दिए जाएं। बैंक में पटोन्नति के अन्त सीमित अवसर है बचत बैंक में उर्स में पटोन्नति अनुसार बैंकों में सहायक महाप्रबन्धकों के पद का प्राविधान है। बैंकों में सहायक महाप्रबन्धकों के 122 पदो के प्राविधान करने का निर्णय लिया गया। बैंकों में भर्ती न करने के कारण बैंकों में ग्राहकों को प्रतिदिन बैंकिंग सुविधा उपलब्ध न होने के कारण गग्रहकों का इन बैंकों में विश्वास हटता जा रहा है। निर्धारित पदों पर भर्ती हेतु की अविलम्ब आवश्यकता है, जिससे बैंकों का कार्य सामान्य रूप से संचालित हो सके। कमेटी की अन्तिम बैठक 3 दिसम्बर 25 को भी काफी समय व्यतीत हो गया है। प्रदेश के कर्मचारियों को आशा थी कि कमेटी के निर्णयों का लाभ शीघ्र प्राप्त हो जाएगा, यूनियन द्वारा निरन्तर कमेटी के निर्णयों का कार्यान्यवयन करने का निवेदन किया जाता रहा है, लेकिन अभी तक कमेटी के निर्णयों का कार्यान्यवयन नहीं हो पाया है। कमेटी के निर्णयों का कार्यान्यवयन न करने से प्रदेश के जिला सहकारी बैंक कर्मचारियों में असन्तोष व्याप्त है। इन परिस्थितियो के दृष्टिगत यूनियन की केन्द्रीय आम सभा की बैठक 13 व 14 दिसम्बर 2025 में कर्मचारियों की माँगो को विभाग द्वारा लम्बित करने की मंशा का संज्ञान लेते हुए निर्णय लिया गया है कि मोंगों का समाधान 2 माह में यदि नहीं हो पाता है तो समस्त जिला सहकारी बैंक के कर्मचारी प्रदेश व्यापी आन्दोलन, जिसमें प्रर्दशन, धरना व हड़ताल सम्मिलित हैं, प्रारम्भ करने के लिए मजबूर होंगे।















