
एंजेल चकमा हत्याकांड के विरोध में कांग्रेस जनों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा*

GRNews Brodcast center* editor in chief Ved prakash Srivastava जमानियां गाज़ीपुर।अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के आह्वान पर उत्तर प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव (प्रशासन) कुन्दन खरवार के नेतृत्व में गत दिनों MBA के छात्र त्रिपुरा निवासी एंजल चकमा की नस्लीय/ क्षेत्रीय भेद-भाव के चलते उत्तराखंड के देहरादून में हुई हत्या के विरोध में उप जिलाधिकारी, जमनिया, गाजीपुर के मार्फत महामहिम राष्ट्रपति महोदय को _एंजल चकमा हत्याकांड के संदर्भ में नीतिगत सुधार हेतु_ ज्ञापन सौंपा गया।
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि भारत में नस्लीय/क्षेत्रीय भेदभाव, सामाजिक असुरक्षा और कानून-व्यवस्था की गंभीर चुनौतियों को उजागर करती है। एक पूर्वोत्तर छात्र की नस्लीय गालियों और हिंसा के बाद मृत्यु ने “हम भारतीय हैं” जैसे मूल संवैधानिक मूल्य पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया है।
ज्ञापन में केंद्र एवं राज्य सरकारें को निम्नलिखित नीतिगत सुधारों पर त्वरित कार्रवाई करने की निम्नलिखित बिंदू सुझाए गए हैं:
– _नस्लीय हिंसा के विरुद्ध विशेष कानून_: MP Bezbaruah समिति की सिफारिशों के अनुरूप नस्लीय/घृणास्पद हिंसा को स्वतंत्र अपराध के रूप में परिभाषित किया जाए तथा फास्ट-ट्रैक न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
– _सामाजिक समावेशन पहल_: शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक मंचों पर विविधता, संवेदनशीलता और समावेशन से जुड़े अनिवार्य कार्यक्रम लागू हों।
– _विश्वविद्यालय सुरक्षा उपाय_: सभी परिसरों में 24×7 हेल्पलाइन, सुरक्षित शिकायत तंत्र और नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएँ।
– _निगरानी व समर्थन_: भेदभाव आधारित हिंसा का राष्ट्रीय डेटा सिस्टम, पीड़ितों हेतु कानूनी व मनोवैज्ञानिक सहायता की व्यवस्था की जाए।
सभी राजनीतिक और सामाजिक संस्थाओं और समितियों से भी आग्रह किया गया है कि जातीय,नस्लीय, क्षेत्रीय, रूप-रंग, लैंगिक या धर्म और उपासना आधारित भेदभाव अस्वीकार्य है। ऐसे ठोस कदम ही भविष्य में एंजल चकमा जैसे कांडों की पुनरावृत्ति रोक सकते हैं।
स्थानीय स्तर पर ज्ञापन सौंपने वालों में श्यामनरायण सिंह कुशवाहा, शशिकांत श्रीवास्तव, तसउवर अंसारी,जिशान जलाली ,अरबाज शेख,युसुफ बशर,तौवसिफ,विद्याशंकर,मिथिलेश सिंह, दीपक सिंह उर्फ दिपू, आदि लोग उपस्थित रहे।








