
पंच प्रण के सिद्धान्त से ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण – मनोज**

GRNews Network editor in chief Ved prakash Srivastava
गाजीपुर। भावराव देवरस बस्ती के विवेकानन्द शाखा आमघाट पर हिन्दू सम्मेलन का आयोजन गुरूवार को दिन में किया गया। इस कार्यक्रम की शुरूआत भारत माता के चित्र पर मनोज पूर्वी सम्पर्क क्षेत्र प्रमुख, कोैशल श्रीवास्तव पूर्व प्रवक्ता पीजी कालेज, सेवा बस्ती से दिलीप रावत, मातृशक्ति से डा. रंजना सिंह, महंत पीथापुर योगी आनन्द गोपाल संयुक्त रूप से माल्यापर्ण कर व दीप प्रज्जवलित कर किया गया। मंचासीन अतिथियो का माल्यपर्ण कर अंग्रवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्यवक्ता ने मनोज ने बताया कि हिन्दू सम्मेलन के माध्यम से हम सभी मे नई उर्जा का संचार व जागरण के उददेश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्र भक्ति का सम्बन्ध हमेशा धर्म से रहा है जिसका जैसा पंथ व सप्रदाय होता है उसका लगाव व सहानुभूति भी उससे सम्बन्धित राष्ट्र से जुड़ जाती है। आज हम सेवा बस्ती में कार्यक्रम आयोजित करते है उनके साथ एकजुटता व समरताा के भाव से आपसी सौहार्द कायम करते है इनके बीच कार्यक्रम आयोजित कर उनके साथ मेल जोल बढाने व समरसता के माध्यम से उन्हे समााज के मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य कियाा जा रहा है। राष्ट्र को मजबूत करने के लिए हमे नागरिक कतर्व्य, कुटुम्ब प्रबोधन, समरता, पर्यावरण, स्वदेशी के भाव से कार्य करने की आवश्यकता है तभी हमारा राष्ट्र एक मजबूत राष्ट्र बन सकता है। डा. रंजना ने आज के नारी शक्ति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नारी का हमारे देश मे गौरवशाली इतिहास रहाा है जहा जीजा बाई, रानी लक्ष्मी बाई, धाय मां पन्ना, अहिल्या बाई होल्कर जैसी विदुषी महिलाओ ने राष्ट्र को सशक्त किया जिनका अनुसरण करने की आवश्यकता पर बल दिया। योगी आनन्द गोपाल जी ने हिन्दू के महत्व व पूराणो मे वर्णित प्रसंग पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. कौशल श्रीवास्तव व संचालन राकेश ने किया। छोटा स्कूल बच्चो ने पर्यावरण पर सांस्कृति कार्यक्रम का संगीतमय प्रस्तुती किया। बस्ती प्रमख भावराव देवरस संतोष के नेतृत्व मे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शाखा कार्यवाह नितिन, अशोक, अविनाश, जयप्रकाश, दीनदयाल, सोमेश मोहन राय, संजीव तिवारी, पंकज, डीजीसी कृपाशंकर राय, मुन्ना राय, शशिकान्त राय, डा. संजय राय, अजय तिवारी, अंजनी, अभिषेक, राजकुमार सिंह, प्रदीप, रमाशंकर, रासबिहारी राय, आदि उपस्थित रहे।

















