
भरत मिलाप लीला में उमड़ा जनसागर, भावनाओं से सराबोर हुए श्रद्धालू*

GRNews network editor in chief ved Parkash Srivastava
गाजीपुर। अति प्राचीन श्री रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 3 अक्टूबर, शुक्रवार को सकलेनाबाद में भरत मिलाप लीला का भव्य आयोजन किया गया। भगवान श्रीराम और उनके भाइयों भरत, लक्ष्मण एवं शत्रुघ्न के मिलन का दृश्य देखकर श्रद्धालु भावनाओं से सराबोर हो उठे और पूरे क्षेत्र में “जय श्रीराम” के जयकारे गूंजने लगे।लीला में दर्शाया गया कि जब श्रीराम का वनवास समाप्त होने को था, तब अयोध्या में भरत प्रभु के आगमन की प्रतीक्षा में चिंतित थे। तभी श्रीराम की आज्ञा से हनुमान जी ब्राह्मण का रूप धरकर संदेश लेकर अयोध्या पहुंचे। भरत ने जब हनुमान को पहचाना तो गले लगाकर बोले — “कपि तव दरश सकल दुख बीते, मिले आजु मोहि राम पिरिते।” इस संवाद ने वातावरण को भावुक बना दिया।इसके बाद भरत जी वशिष्ठ जी और शत्रुघ्न जी के साथ रथ द्वारा प्रयागराज के लिए श्रीराम से मिलने के लिए प्रस्थान करते हैं। भारद्वाज मुनि के आश्रम पहुंचने पर जब चारों भाइयों का मिलन हुआ, तो उपस्थित जनसमूह की आंखें नम हो उठीं। पूरा मेला क्षेत्र “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा।श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का यह प्रेममिलन देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। इसके बाद रथ अयोध्या के लिए प्रस्थान कर गया।महाराज भरत का रथ झुन्न लाल चौराहा, आमघाट, राजकीय महिला महाविद्यालय, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, महुआबाग, पहाड़खां पोखरा स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर तक पहुंचा, जहां मेला सम्पन्न हुआ।इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, संयुक्त मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, उप-प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई थी

















